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सीबीआई ने खनिज भवन में खंगाले दस्तावेज

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हमीरपुर। सीबीआई मंगलवार को जांच के लिए खनिज भवन कार्यालय पहुंची। यहां करीब पांच घंटे रुककर जांच की और अभिलेख खंगाले। सीबीआई ने पट्टों के संबंध में महत्वपूर्ण दस्तावेजों की फोटो कॉपी कराकर अपने कब्जे में लिया। इसके बाद अधिकारी मौदहा बांध गेस्ट हाउस के लिए रवाना हो गए। यह भी चर्चा रही कि सुबह टीम ने शहर से लगी एक मौरंग खदान का भी निरीक्षण किया है।
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अवैध खनन मामले में जांच कर रही सीबीआई की चार सदस्यीय टीम सोमवार से शहर में डेरा डाले है। सोमवार को सीबीआई टीम मौदहा बांध गेस्ट हाउस में ही रही। देर शाम खनन मामले में जनहित याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट भी गेस्ट हाउस पहुंचे। उसके बाद मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे टीम कलक्ट्रेट परिसर स्थित खनिज भवन कार्यालय पहुंची।

जहां अवैध खनन मामले से संबंधित दस्तावेजों की फोटो कापी को टीम ने अपने कब्जे में लिया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे टीम खनिज कार्यालय से निकलकर वापस गेस्ट हाउस चली गई। कार्रवाई के दौरान खनिज कार्यालय के बाहर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था रही। यहां मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। जिससे कोई भी व्यक्ति अंदर नहीं जा सका।
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डीएम बी चंद्रकला के समय हुए पट्टों की जांच
हमीरपुुर। पूर्व की सपा सरकार में आईएएस बी चंद्रकला जिले की डीएम थी। 15 अप्रैल 2012 से जून 2014 तक के कार्यकाल में 59 मौरंग खनन पट्टे बी चंद्रकला ने जारी किए थे। मौरंग के पट्टों में नियमों की अनदेखी करने के भी आरोप लगे हैं। इन पट्टों को हाईकोर्ट इलाहाबाद ने निरस्त किया था। इसके बाद भी खनन का खेल चलता रहा। सूत्रों के अनुसार बी चंद्रकला के कार्यकाल में जारी किए गए मौरंग खनन के पट्टों से संबंधित अभिलेखों की जांच कर उन्हीं दस्तावेजों की फोटो कापी सीबीआई ने अपने कब्जे में ली है।

टीम ने खनन विभाग कार्यालय में बंद कमरे में काफी देर तक फाइलें खंगाली। याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि सीबीआई अवैध खनन मामले में आईएएस बी चंद्रकला, खनिज अधिकारी रहे मुईनउद्दीन, सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित, दिनेश मिश्रा, पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड बाबू रामऔतार, खनिज विभाग के रिटायर्ड लिपिक रामआसरे समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराकर विवेचना कर रही है। अवैध खनन से जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है। बताया जिले में मौरंग खनन के 31 पट्टा धारकों की सूची सीबीआई को दे दी गई है। इन पट्टा धारकों ने पर्यावरण की फर्जी ईआईए रिपोर्ट बनवाकर फर्जीबाड़ा किया है।

सीबीआई के भय से भूमिगत हुए आरोपी
सीबीआई के मुकदमे में नामजद आरोपियों पर टीम की कार्रवाई से आरोपी भूमिगत हो गए हैं। याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि टीम यहां एक सप्ताह तक रुक कर सभी पहलुओं की जांच करेगी। साथ ही सीबीआई की रडार में आए लोगों से भी टीम पूछताछ करेगी, जो अवैध खनन और सिंडीकेट के नेटवर्क में शामिल रहे हैं। अवैध खनन मामले में फंसे 11 आरोपियों के आवासों पर सन्नाटा पसर है।

बाहर दुकानों से करवाई फोटो कॉपी
खनिज कार्यालय में फोटो कॉपी मशीन न होने से सीबीआई टीम ने बाहर से फोटो कॉपी करवाई। इसके लिए टीम का एक सदस्य विभाग के एक कर्मचारी के साथ कई बार दस्तावेजों का बंडल लेकर कलक्ट्रेट गेट के बाहर स्थित दुकान पर गया। फिर दुकान का शटर बंद करा फोटो कॉपी करवाई गई।

खनिज अधिकारियों के मोबाइल कब्जे में लिए
मंगलवार सुबह जब सीबीआई टीम खनिज भवन पहुंची तो कार्यालय के अधिकारी वहीं थे। इसके बाद सीबीआई टीम ने कार्यालय में मौजूद खनिज सर्वेक्षक, खनिज अधिकारी व एक अन्य कर्मी का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और कार्रवाई तक अपने पास ही रखा।
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पांच घंटे कार्यालय में रुकी टीम, दस्तावेजों की फोटो कॉपी कब्जे में ली
अमर उजाला ब्यूरो
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