बीते एक साल पूर्व रबी अभियान में बोई गई फसलों में अप्रत्याशित वर्षा और
अतिवृष्टि की मार से कराह उठे किसानों की शासन ने सुधि ली है। कृषि निवेश
के तहत 47 करोड़ 68 लाख 18 हजार 196 रुपये की धनराशि भेजी गई है। हालांकि
शासन से 2 करोड़ की धनराशि बीते मार्च माह में ही भेजी जा चुकी है। बताते
चलें कि बीते वर्ष राजस्व और कृषि विभाग ने संयुक्त निरीक्षण कर दलहन की
फसलों में 50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान होना पाया था।
बीते वर्ष
2013-14 में रबी अभियान के दौरान बीते जनवरी से मार्च माह तक कई राउंड
बरसात हुई। साथ ही कई गांवों में हल्की तो कहीं ज्यादा ओलावृष्टि हुई। इस
बारिश ने किसानों का सुख चैन छीन लिया। वहीं बीते फरवरी और मार्च में
अप्रत्याशित वर्षा एवं अतिवृष्टि के कारण फसलों को भारी क्षति उठानी पड़ी।
इस मामले में किसानों ने धरना आंदोलन किए। इस मामले में कृषि आयुक्त ने
सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए। इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने
राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों से फसलों का सर्वे कराया। पाया गया कि
रबी अभियान में गेहूं की फसल कुल 110981 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई।
इस फसल में 13 फीसदी नुकसान हुआ। वहीं चना 74025 हेक्टेयर में बोया गया।
जिसमें 58 प्रतिशत क्षति हुई। मटर का क्षेत्रफल 11634 था जिसके नुकसान का
प्रतिशत 35 रहा। मसूर की फसल का क्षेत्रफ ल 37389 हेक्येयर था। इसमें 53
प्रतिशत नुकसान बताया गया। 8307 हेक्टेयर में बोई गई लाही/सरसों में नुकसान
का प्रतिशत 15 होना पाया गया।
फिलहाल किसानों के आंदोलन के साथ होने वाले
लोकसभा चुनाव को देखते शासन ने बीते 25 मार्च को 2 करोड़ रुपये कृषि निवेश
के तहत जारी कर दिए। जबकि जिले में हुए नुकसान की भरपाई के चलते करीब 52
करोड़ रुपये की धनराशि मांगी गई थी। इधर 9 माह गुजरने के बाद शासन को
किसानों की सुधि आई है। किसानों को शासन ने कृषि निवेश पर 47 करोड़ 68 लाख
18 हजार 196 रुपये की धनराशि भेजी है।
जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने
बताया कि बीते वर्ष 2013-14 में रबी अभियान में अप्रत्याशित वर्षा एवं
अतिवृष्टि के कारण दलहनी फसलों को भारी क्षति पहुंची थी। ऐसे लघु सीमांत व
अन्य किसानों के लिए शासन ने 47,68,18,196 रुपये कृषि निवेश में अवमुक्त
किए है।
यह धनराशि राजस्व विभाग के जरिए बांटी जाएगी। कहा कि प्रयास होगा
कि ई पेमेंट से संबंधित किसानों के खातों में भेजा जाए। बताया कि न्यूनतम
750 रुपये से लेकर 8 हजार रुपये तक कृषि निवेश पर मिलेगा। कहा कि ख्ररीफ
में सूखा पड़ने के कारण हुए नुकसान पर केंद्र सरकार को इसकी भरपाई करनी है।