सरीला (हमीरपुर)। जलालपुर थानाक्षेत्र के क्योटरा डेरा गांव में 15 वर्षीय किशोरी ने आग लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को परिजनों ने कोई कार्रवाई न करने की बात कहकर चलता कर दिया। पुलिस किशोरी को दिमागी रूप से कमजोर बता रही है।
क्योटरा गांव निवासी ग्यासी निषाद भेड़ी खरका खदान के रास्ते पर ढाबा खोले है। रविवार को वह अपनी पत्नी व दस वर्षीय बेटे के साथ ढाबे पर था। उसकी 15 वर्षीय बेटी जूली घर पर थी। दोपहर में घर का काम निपटाने के बाद जूली हाथ में केरोसिन से भरी केन लेकर घर से ढाबा की तरफ चली। बीच रास्ते में उसने केरोसिन अपने ऊपर डालने के बाद आग लगा ली। इससे पहले कोई कुछ कर पाता वह आग का गोला बनकर सड़क पर भागने लगी।
लेकिन किसी ने उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटाई। थोड़ी दूर भागने के बाद वह सड़क किनारे गिर गई और वहीं उसकी मौत हो गई। घटना की खबर फैलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण कुछ भी बताने से इंकार कर रहे है।
सूचना पर सीओ सौम्या पांडेय व एसओ ने गांव जाकर घटना की जानकारी ली। एसओ वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि परिजनों ने कोई भी कार्रवाई कराने से इंकार किया है। किशोरी का आत्महत्या करने का कारण दिमागी रूप से कमजोर होना है। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया है।
पुलिस ने कहा दिमागी रूप से कमजोर थी किशोरी
अमर उजाला ब्यूरो