हमीरपुर। छोटे भाई की हत्या कर शव को घर के कमरे में दफनाने वाले हत्यारोपी भाई की निशानदेही पर रविवार को पुलिस ने खून से सनी ईंट (आलाकत्ल) बरामद कर उसे जेल भेज दिया है।
पाराओझी गांव निवासी बलराम (22) पुत्र काली प्रसाद 28 मार्च से लापता था। तब पिता ने मामले की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई थी। मगर लापता पुत्र का सुराग न लगने पर पीड़ित पिता ने कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर गुहार भी लगाई। मगर चुनाव में पुलिस फोर्स की कमी व व्यस्तता के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
पीड़ित पिता द्वारा शनिवार को धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी देने का प्रार्थना पत्र देने पर पुलिस हरकत में आई। कोतवाल केपी सिंह शनिवार की शाम काली प्रसाद के घर पहुंचे। पुलिस ने घर के सभी सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की। जिसमें बलराम का बड़ा भाई सुघर पुलिस के सवालों में उलझ गया।
इसके बाद पुलिस ने सुघर के साथ सख्ती दिखाई। जिस पर उसने सच्चाई बता दी। सुघर ने पुलिस को बताया बलराम शराब पीकर आए दिन घर में गालीगलौज व मारपीट कर उत्पात मचाता था। जिस पर उसने उसकी हत्या कर शव को घर के एक कमरे में दफना दिया। यह सुन पुलिस के होश उड़ गए।
पुलिस ने सुघर की निशानदेही पर गड्ढे से शव को बरामद किया। कोतवाल ने बताया दर्ज गुमशुदगी की सूचना पर हत्यारोपी सुघर के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य को छिपाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी हेमराज मीना ने बताया कि हत्यारोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से आलाकत्ल के रूप में ईंट बरामद कर जेल भेजा है। उधर घटना को लेकर ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीण अवैध संबंधों के पीछे घटना के होने की भी बात कह रहे हैं।
जांच के लिए विसरा भेजा
शव का पोस्टमार्टम दो चिकित्सकों डा. शिवशास्त्री व डा. आशुतोष निरंजन के पैनल द्वारा किया गया। शव करीब दो माह पुराना होने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से चिकित्सकों ने विसरा को सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है।
अध्यापक ने राहत की सांस ली
पिता कालीप्रसाद ने एक स्कूल के बस चालक व एक अध्यापक पर आरोप लगाया था कि उसके पुत्र बलराम को 28 मार्च को दोनों लिवा ले गए थे। तबसे वह घर नहीं लौटा है। घटना का खुलासा होने के बाद चालक व अध्यापक ने भी राहत की सांस ली है।
पाराओझी में छोटे की हत्या कर शव घर में दफनाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो