अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। ललपुरा थानाक्षेत्र के स्वासा गांव आई बारात बैरंग लौट गई। किशोरी की शादी किए जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। इसी के बाद पुलिस ने वैवाहिक कार्यक्रम रुकवा दिए। पुलिस अधीक्षक से नाबालिग की शादी होने की सूचना पर कार्रवाई हुई।
ललपुरा थानाक्षेत्र के स्वासा गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी की शादी सुमेरपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में तय हुई थी। 12 जून को बारात आने की सूचना किसी ने पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी को दे दी। इस संबंध में दिए गए पत्र में बताया गया कि लड़की नाबालिग है और उसकी शादी कानून के विरुद्ध है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गांव पहुंची पुलिस ने वैवाहिक कार्यक्रम में रोक लगा दी, जिससे बारात को बैरंग वापस लौटना पड़ा। किशोरी की मां ने बताया कि उसका पति ट्रक चलाता है। उसने वहीं एक दूसरी औरत रख ली है।
उसने वृद्ध सास-ससुर की मदद से बेटी के हाथ पीले करने की ठानी थी। उसे यह नहीं पता था कि उम्र कम होने पर उसे परेशानी झेलनी पड़ेगी। दुल्हन को विदा करा अपने साथ ले जाने के लिए दूल्हा अपने परिजनों व बारातियों के साथ गांव रात करीब 9:30 बजे पहुंचा। लेकिन वहां पहले से मौजूद पुलिस ने जनवासे में उन्हें नाश्ता तो दूर, पानी तक नहीं पीने दिया। लड़के पक्ष के लोग जब तक कुछ समझ पाते उन्हें चलता कर दिया गया। बाद में जानकारी होने पर मुकदमे के भय से लड़के पक्ष वाले भी चुपचाप वापस हो लिए।
गांव निवासी वीरेंद्र ने शिकायत की थी कि नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है। जिस पर लड़की पक्ष से उम्र संबंधी प्रमाण पत्र दिखाने को कहा। लेकिन वह कोई भी प्रमाण पत्र उसके बालिग होने का नहीं दिखा सके, जिससे वैवाहिक कार्यक्रम में रोक लगा दी गई। उन्होंने बताया कि पिछले साल शिकायतकर्ता के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी खुन्नस में शिकायतकर्ता ने यह शिकायत की है।
प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष ललपुरा
-शिकायत के बाद पहुंची पुलिस ने बारात को बैरंग लौटाया