अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। मुख्यालय के सरकारी अस्पताल के आर्थोपीडिक सर्जन सहित पांच लोगों के खिलाफ कोतवाली में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराए जाने के मामले की रविवार को सीओ सदर ने जांच शुरू कर दी है। इससे चिकित्सकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
सदर कोतवाली के इंसपेक्टर शैल कुमार सिंह ने बताया कि चित्रकूट धाम बांदा मंडल के अपर निदेशक (एडी) डॉ. ओमकार ने जिला अस्पताल में आर्थोपीडिक सर्जन डॉ. आरजी शंखवार, फार्मेसिस्ट डीसी सचान, सुशील कुमार, स्टाफ नर्स हिमांशु, वार्ड ब्वाय राजेश सैनी व सफाई कर्मी राजेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज कराया है। इस मामले की जांच सीओ सदर रजनीश उपाध्याय कर रहे हैं, जिन्होंने विवेचना भी शुरू कर दी है।
इंसपेक्टर ने बताया कि डॉक्टर सहित सभी पांचों आरोपियों पर अपर निदेशक ने मेडिकोलीगल के नाम पर अवैध धन उगाही करने का आरोप लगाया है। सीएमएस डॉ. राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले अपर निदेशक सदर अस्पताल आए थे और अपने स्तर से डाक्टरों व अन्य चिकित्सा कर्मियों से पूछताछ कर वापस चले गए थे। उनके स्तर से उन्हें इस मामले की जानकारी भी आज तक नहीं दी गई है कि अस्पताल में मेडिकोलीगल के नाम पर अवैध धन की उगाही हो रही है। इधर सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट डीसी सचान ने बताया कि मुख्यायल के कालपी चौराहा मोहल्ला निवासी संतोष कुमार सिंह व तुषार सिंह का मेडिकल हुआ था। इस पर विरोधी पक्ष ने अपर निदेशक से शिकायत कर दी। मामले की जांच अपर निदेशक कर रहे थे। उनका कहना है कि इस मामले में जानबूझकर सभी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। जबकि डाक्टर पूरी जिम्मेदारी से मेडिकोलीगल करते हैं।
-धन उगाही के मामले में एडी ने दर्ज कराई रिपोर्ट