अपराध पर अंकुश लगाने में फेल पुलिस फर्जी खुलासा कर अपनी गर्दन बचाने में लगी है। सदिकापुर में मासूम की हत्या के मामले में मानसिक बीमार आरोपी को जेल भेज दिया। वहीं मासूम मिलन के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि असली मुजरिमों को बचाकर पुलिस पहले से गिरफ्तार अपराधी पर बेटे की हत्या का खुलासा कर जेल भेज रही है। अब मुख्यमंत्री से हत्या की जांच की मांग करेंगे।
दो मार्च को सदिकापुर निवासी सुखदेव कटियार के साढ़े पांच वर्षीय पुत्र मिलन का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। पांच मार्च को घर के बगल के जर्जर मकान में बोरी के अंदर मिलन का शव बरामद हुआ था। पांच दिन तक जांच के बाद रविवार को स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआ और सदर कोतवाल एके सिंह ने पुलिस कार्यालय में एसपी हरीशचंदर और अपर पुलिस अधीक्षक केशव चंद्र गोस्वामी के समक्ष आरोपी रामजी पुत्र रमेश चंद्र वर्मा निवासी खुदागंज कमालगंज जिला फर्रुखाबाद को पेश किया।
स्वाट और कोतवाली पुलिस ने दावा किया कि रामजी ने मासूम मिलन का अपहरण कर कुकर्म किया। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को बोरी में रखकर फरार हो गया। वहीं मिलन के पिता सुखदेव और मां सीमा देवी ने कोतवाली में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की हत्या गांव के लोगों में ही किसी ने की है। पुलिस असली आरोपियों को बचाकर फर्जी अपराधी को जेल भेज रही है। वह प्रदेश के मुख्यमंत्री से बेटे की हत्या की जांच की मांग करेंगे। एसपी हरीशचंदर ने बताया कि जांच और छानबीन के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
कोर्ट से भागने के बाद गिरफ्तार
कन्नौज। गुरसहायगंज कोतवाली पुलिस ने आरोपी रामजी को नौ वर्षीय किशोरी से छेड़खानी के आरोप में तीन मार्च को गिरफ्तार कर किया था। जबकि चार मार्च को पुलिसकर्मियों को चकमा देकर वह छिबरामऊ कोर्ट से भाग गया था। इसके बाद नौ मार्च को आरोपी रामजी को कन्नौज पुलिस ने थाना कमालगंज से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद कमालगंज थाना पुलिस ने बताया कि 23 फरवरी को रामजी ने सब्जी मंडी निवासी आठ वर्षीय साजन को अगवा कर कुकर्म के बाद हत्या कर दी थी। वहीं 11 मार्च को सदर कोतवाली कन्नौज और स्वाट टीम ने रामजी को सदिकापुर में मिलन की हत्या का आरोपी ठहराते हुए जेल भेज दिया।
पुख्ता सबूतों के बगैर खुलासा
कन्नौज। जल्दबाजी में पुलिस ने मासूम की हत्या का खुलासा बगैर सबूतों के आधार पर कर दिया। पुलिस की पूरी कहानी में कई झोल है। इससे पीड़ित परिवार पुलिस के खुलासे पर प्रश्नचिंह लगा रहे है। सुखदेवी और उसकी पत्नी ने बताया कि जिस जर्जर मकान के अंदर बोरी के अंदर बेटे का शव मिला था। वहां इससे पहले भी पड़ोसियों और ग्रामीणों ने बेटे को तलाश किया था, लेकिन पांच मार्च को वहां अलमारी के अंदर बोरी में शव मिल गया। पुलिस का कहना है कि शाम छह बजे दरवाजे से आरोपी रामजी ने मिलन को अगवा कर लिया था, लेकिन चार बजे से शाम सात बजे तक सुखदेव दोस्तों के साथ दरवाजे पर ही बैठा था। वहीं अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की बात की जाए तो मिलन की मौत पटकने से हुई है। जबकि पुलिस गला दबाकर हत्या की बात कह रही है।
पैदल गांव पहुंच जाए तो आरोपी मान लूंगी
कन्नौज। 26 जनवरी को क्षेत्र के गांव दंदौरा खुर्द में सात वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने निर्दोष बाबा को जेल भेज दिया था। करीब 40 दिन बाद असली आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बाबा जेल से रिहा हुए। पहले के इसी मुद्दे को उठाते हुए कोतवाली में मिलन की मां सीमा कटियार ने पुलिस से कहा कि आरोपी रामजी ने अगर बेटे की हत्या की तो उसे मेरे गांव पैदल ले चलो। अगर वह पैदल गांव पहुंच जाता है तो हम लोग उसे आरोपी मान लेंगे। इस पर पुलिस टालमटोल कर जवाब देने लगी। कोतवाली पुलिस ने बताया कि आरोपी सिरफिरा है।