अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय हमीरपुर के अधीक्षक ने एक ऑपरेटर पर काम करवाने की एवज में रिश्वत देने का आरोप लगाया है। अधीक्षक की शिकायत के करीब डेढ़ घंटा बाद विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर अधीक्षक और वाहन ऑपरेटर के बयान दर्ज किए। इसके बाद में दोनों पक्षों की सहमति के चलते मामला दर्ज नहीं हो पाया। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जिला मंडी के करसोग का एक ऑपरेटर वाहन ट्रांसफर करवाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय हमीरपुर पहुंचा। इस दौरान ऑपरेटर ने कार्यालय अधीक्षक को फाइल बताई। अधीक्षक ने बताया कि उसकी फाइल मार्क होकर आगे भेज दी गई है। दोपहर तक उसका काम हो जाएगा। हालांकि वाहन ट्रांसफर के साथ-साथ वाहन की आरसी में कई त्रुटियां जैसे चेसी नंबर, लोड और अनलोड वेट गलत अंकित था। अधीक्षक का आरोप है कि त्रुटियों को ठीक करवाने और काम जल्दी करवाने की एवज में ऑपरेटर ने उसे 500 रुपये रिश्वत देने की कोशिश की। रिश्वत देने की कोशिश पर अधीक्षक ने वाहन ऑपरेटर को लताड़ा तो पूरा स्टाफ अधीक्षक के कमरे में पहुंच गया। इसकी शिकायत पुलिस थाना सदर में की गई लेकिन डेढ़ घंटे तक पुलिस आरटीओ कार्यालय नहीं पहुंची। इसके बाद अधीक्षक ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग में की। इसके चलते विजिलेंस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। विजिलेंस विभाग के एएसपी बलबीर सिंह का कहना है कि टीम ने मौके पर पहुंच बयान दर्ज किए हैं। अधीक्षक ने माना है कि शायद उसे कोई गलतफहमी हुई होगी। दोनों पक्षों में सहमति के बाद मामला दर्ज नहीं किया गया है।