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हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा

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हमीरपुर। थाना मझगंवा के सिकरौधा गांव में साढ़े तीन वर्ष पूर्व पुरानी रंजिश में सिकरौधा गांव के एक व्यक्ति की हत्या के मामले में सोमवार को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं 23 हजार रुपये अर्थदंड देने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया व रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि मझगंवा थानाक्षेत्र के सिकरौधा गांव निवासी प्रेमनारायण अपने पिता मुकुंदीलाल व गुलाब सिंह के साथ पिछले नौ अगस्त 2015 की शाम करीब सात बजे झिन्नावीरा गांव में साप्ताहिक बाजार से सामान खरीदकर वापस घर जा रहे थे। बताया कि पिता मुकुंदीलाल सब्जी का झोला लेकर आगे चल रहा था। जबकि उसका पुत्र प्रेमनारायण व गुलाब सिंह पीछे चल रहे थे। इस बीच गुगरवारा जंगल के रास्ते में गांव निवासी केश कुमार अपने दो अज्ञात साथियों के साथ घात लगाकर बैठा था। हमलावरों ने उसके पिता मुकुंदीलाल की गोली मारकर हत्या कर दी।
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घटना के बाद पुत्र प्रेमनारायण व गुलाब सिंह जंगल में छिप गए। हत्या की रिपोर्ट दूसरे दिन मृतक मुकुंदीलाल के पुत्र प्रेमनारायण ने थाना मझगवां में केश कुमार व दो अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। साथ ही आरोपी केश कुमार को आला कत्ल के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में विवेचक ने अज्ञात लोगों को मुकदमे से हटाकर चार्जशीट अदालत में पेश की। इस हत्याकांड के पीछे दोषी केश कुमार के पारिवारिक चाचा नाथूराम की कई साल पहले कुल्हाड़ी से हत्या हुई थी, जिसमें मृतक मुकुंदीलाल को आरोपी बनाया गया था। इसी का बदला लेने की गरज से केशकुमार ने मुकुंदीलाल की हत्या कर दी। इस मामले की सुनवाई अदालत में शनिवार को हुई थी। तब अदालत ने सोमवार को सजा सुनाने का आदेश दिया था। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत ने केश कुमार पर हत्या दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं अदालत ने दोषी पर 23 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।

हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
-साढ़े तीन वर्ष पूर्व गोली मारकर की थी हत्या
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