अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। इंगोहटा गांव में प्रधान समेत कई लोगों पर घर में धावा बोलकर परिजनों से मारपीट और एक किशोरी से अभद्रता करने के आरोप के मामले में पुलिस द्वारा पांच दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। भुक्तभोगियों का कहना है कि पुलिस ने उलटे उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। शुक्रवार को ये लोग एसपी से मिले। इन लोगों ने इंगोहटा चौकी को निलंबित किए जाने व दर्ज मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच से करवाने की मांग की है।
इंगोहटा निवासी किशोरी ने शुक्रवार को एसपी दिनेश कुमार पी को शिकायती पत्र देकर बताया कि 27 मई की रात वंशगोपाल, रामसजीवन, रामगोपाल, ग्राम प्रधान चंद्रप्रकाश आदि घर में घुस आए थे और बहन से अभद्रता की। धमकी भी दी। शिकायत इंगोहटा चौकी प्रभारी अरविंद मिश्रा से की तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया कि दरोगा ने हमलावरों से पैसे ले लिए है। उसकी रिपोर्ट दर्ज न कर उसके ही परिवार के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी बनाए गए परिवार के दो लोगों को जेल भी भेज दिया है।
इंगोहटा चौकी प्रभारी अरविंद मिश्रा ने लगाए आरोपों को निराधार बताया है। पीड़िता ने बताया कि वह पिछले 28 मई को एएसपी से शिकायत कर चुकी है। उन्होंने मामले की जांच सीओ सदर रजनीश उपाध्याय को सौंपी थी। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने व दरोगा को निलंबित किए जाने की मांग की है। 28 मई को एएसपी लाल साहब यादव के सामने शिकायत के दौरान किशोरी गश खाकर गिर भी पड़ी थी। उधर, सुमेरपुर थानाध्यक्ष महेेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि जांच सीओ सदर कर रहे हैं। उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार किया है।
-प्रधान सहित अन्य पर लगाया घर में घुसकर मारपीट का आरोप
-पीड़ित परिजनों ने इंगोहटा चौकी को निलंबित करने की मांग की