हमीरपुर। टप्पेबाजों ने अब नया पैतरा अपनाया है। रोडवेज बसों में सफर के दौरान घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। मंगलवार को एक परिवार कानपुर से रोडवेज बस में सवार होकर महोबा जा रहा था। तभी चलती बस में टप्पेबाजों ने बैग से 40 हजार रुपये व चार लाख के जेवरों से भरा पर्स पार कर दिया। यमुना पुल पहुंचने पर चार व्यक्ति बस से उतरने लगे। तभी महिला ने बैग खुला देख शोर मचाया। इस पर चारों अलग-अलग दिशा में भागे। टप्पेबाजों में एक को राहगीरों ने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया है।
गुजरात के सूरत शहर निवासी उषा गुप्ता पत्नी संतोष कुमार ने बताया उनकी बहन मुन्ना की बेटी की शादी है। जिस पर वह लोग मध्यप्रदेश के जबलपुर जा रहे हैं। बताया उनके साथ बिल्लौर निवासी उनकी बहन जानकी पत्नी विक्रांत, उनका पुत्र किशन भी है। बताया मंगलवार की सुबह कानपुर से वह लोग हमीरपुर के लिए बस से रवाना हुए थे। बैग को बस चालक के पास रख दिया। बस यमुना पुल के पास पहुंचने पर यहां चार लोग उतरने लगे। तब उनकी नजर अपने बैग पर पड़ी। जहां देखा कि बैग खुला है। बैग में रखे पर्स में 40 हजार रुपये, तीन तोला के दो हार, दो अंगूठी, बिछुवा, दो टॉप्स व अन्य सामान गायब हैं।
कहा शंका होने पर शोर मचाया तो बस से उतरे चार टप्पेबाज अलग-अलग दिशा में भाग निकले। शोर शराबा होने पर राहगीरों ने एक युवक को लक्ष्मीबाई मार्ग हाईवे पर पकड़ लिया। बताया सूचना देने आई पुलिस ने एक टप्पेबाज युवक को हिरासत में लिया है। इसके बाद पुलिस ने युवक को लेकर कई स्थानों पर दविश दी। मगर तीनों भागे युवक नहीं मिले। पकड़े गए युवक ने बताया उनके पास पर्स नहीं है। जो भाग निकले हैं वही लोग पर्स ले गए हैं। कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला ने बताया मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब हो कि ठीक इसी प्रकार की घटना यमुना पुल के पास ही 24 मई को घटी थी। जिसमें तीन महिला टप्पेबाजों को पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा था।