हमीरपुर। धारदार औजार से जानलेवा हमला करने व जानमाल की धमकी देने के 17 वर्ष पुराने मामले में एफटीसी द्वितीय न्यायाधीश गीतांजलि गर्ग की अदालत ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चार दोषियों को तीन-तीन वर्ष की कैद व प्रत्येक पर छह हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मौदहा थानाक्षेत्र के घटकना गांव निवासी संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि दो नवंबर 2005 को शाम छह बजे अपने घर में था। बताया कि घर के बाहर गाली-गलौज व दुकान से चिल्लाने की आवाजें सुनकर वह घर से बाहर निकला। देखा समझावन यादव, कमल यादव, रामजी यादव व रामबाबू यादव, राजाबाबू यादव, जयसिंह, शिवसिंह व कल्लू उसके भाई रमेशचंद्र गुप्ता को तमंचा, फरसा व कुल्हाड़ी एवं लाठी से मारपीट कर रहे थे। इसमें उसके भाई को गंभीर चोंटे आई हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रवीण भदौरिया व अशोक शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने धारदार औजार से हमला करने व जान माल की धमकी देने के मामले में दो सगे भाइयों समझावन यादव, कमल यादव और राजाबाबू व कल्लू को सजा सुनाई है। गैर इरादतन हत्या के मामले में सभी को दोषमुक्त किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।