बिवांर (हमीरपुर)। पांच साल पूर्व हुए बिवांर कांड मामले में सीबीसीआईडी जांच कर रही है। सीबीसीआईडी अधिकारियों ने थाना पुलिस को दस नए आरोपियों की सूची सौंपी है। थाना पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
बतादें 25 जुलाई 2015 को कस्बे की एक किशोरी कोचिंग जा रही थी, तभी रास्ते में एक शोहदे ने उसे रोककर छेड़खानी की थी। जिस पर किशोरी ने आत्मग्लानि में आत्मदाह कर ली थी। इसके बाद कस्बे के थाना मोड़ पर लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर जाम लगा दिया। पुलिस के लाठीचार्ज पर लोगों ने पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने फायरिंग की थी। इससे गुस्साई भीड़ ने पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी थी।
घटना में रोहित पुत्र राकेश की गोली लगने से मौत हो गई थी। जयकरण पुत्र रामाधीन के पैर में गोली लगने से पैर काटना पड़ा था। कुछ अन्य लोगाें को भी गोलियां लगी थी। इसके बाद सभी पार्टियों के बड़े नेताओं ने पाथा देवी मंदिर व सदर मुख्यालय में 29 दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। खासकर भाजपा ने अपने धरना के दौरान वादा किया था कि अगर उसकी सरकार आई तो मामले की सीबीआई जांच कराइ जाएगी।
लेकिन सीबीआई जांच न होकर सीबीसीआईडी से जांच कराई गई। जांच में जुटी सीबीसीआईडी टीम शनिवार को दस आरोपियों के नाम थाना पुलिस को सौंपे हैं। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सीबीसीआईडी विनोद कुमार चौहान ने बताया चार्ज सीट न्यायालय में दाखिल की जा चुकी है और आरोपियों को न्यायालय में हाजिर होने की सूचना भी दी जा चुकी है। सीबीसीआईडी की इस नई सूची से एक बार फिर लोगों में हलचल पैदा हो गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
ये नाम सौंपे गए
सीबीसीआईडी ने थाना पुलिस को दी सूची में छुटटू शुक्ला उर्फ उमाशंकर पुत्र कालका प्रसाद, विपिन शुक्ल पुत्र छुटटू शुक्ल, छोटू सिंह उर्फ शंकर प्रताप पुत्र अभिलाष सिंह, किशोरी लाल उर्फ मुखिया पुत्र रामआसरे, अमित चौबे पुत्र पप्पू चौबे, योगेश पुत्र चंद्रपाल यादव, आनंद पाठक पुत्र जयराम पाठक, गिरीश प्रसाद पुत्र कालका प्रसाद, राममिलन सिंह पुत्र रामकरन निवासी बिवांर व नफीस अहमद पुत्र इकराम बख्स निवासी लोदीपुर निवादा हैं।