हमीरपुर। अनुसूचित जाति के व्यक्ति को 21 वर्ष पूर्व लाठी-डंडों से पीटने व जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकी देने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी को तीन वर्ष की कैद व साढ़े छह हजार जुर्माना लगाया है। वहीं, सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
कुरारा थानाक्षेत्र के कंडौर गांव निवासी वीरेंद्र कुमार उर्फ रज्जन ने दी तहरीर में पुलिस को बताया कि सात फरवरी 2001 को सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव के लल्ला सिंह व गिरवर सिंह उसके दरवाजे पर आए। बताया कि वह घर के बाहर बैठा था। उसके पिता रामशंकर लकड़ी चीर रहे थे। वहीं पर गांव के राजू व सियाराम बैठे थे। उसी समय लल्ला कहने लगा कि तुमने नलकूप से खेत का पानी लगा लिया है। इसके बाद नलकूप खराब कर दिया। इस पर लल्ला और गिरवर गालियां देने लगे।
विरोध करने पर दोनों ने पीटा। विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह ने बताया कि मुकदमा के दौरान आरोपी लल्ला सिंह की मौत हो गई है। वहीं अदालत ने गिरवर को दोषी करार दिया है। बताया कि जुुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।