राठ में पोस्टमार्टम हाउस में घटना की जानकारी देता पिता रामदयाल।
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मझगवां थाने के सरगांव में दिवाली पर मामा के घर आए दो मौसेरे भाइयों का रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। घटना उस समय हुई जब दोनों शौच को गांव के बाहर जंगल में गए। एक ने दूसरे के सिर पर डंडे से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक के भाई ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना के बाद मामा ने भांजे को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
मझगवां थाने के झिन्नावीरा गांव निवासी दृगपाल अहिरवार पुत्र रामदयाल और राठ कस्बे के सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी पुष्पेंद्र अहिरवार पुत्र बिहारीलाल मौसेरे भाई हैं। दोनों मामा बाबूलाल पुत्र राजाराम के घर सरगांव में रहते हैं। 29 अक्तूबर शनिवार को पुष्पेंद्र हरियाणा से मजदूरी कर मामा बाबूलाल के घर पहुंचा।
वहीं, रविवार की सुबह दिल्ली में मजदूरी करने वाला दृगपाल भी त्योहार पर अपने मामा के घर सरगांव पहुंच गया। दोपहर बाद करीब तीन बजे दोनों मौसेरे भाई शौच के लिए गांव के बाहर गए थे। इसी बीच दोनों के बीच रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि पुष्पेंद्र ने जंगल में पड़ी बबूल क ी लकड़ी से दृगपाल के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद पुष्पेंद्र अहिरवार खून के छींटों से सने कपडे़ पहने अपने मामा के घर पहुंचा और मामा को दृगपाल की हत्या करने की बात बताई। इस पर गांव और परिवार में हड़कंप मच गया। दृगपाल के पिता रामदयाल ने बताया कि उसका बेटा दिल्ली में मजदूरी करता था। दिवाली पर वह करीब 25 हजार रुपये लेकर आया था। पुष्पेंद्र की नजर दृगपाल के रुपयों पर थी। मृतक के भाई उदेश कुमार ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष आरके सिंह ने बताया कि आरोपी पुष्पेंद्र से पूछताछ की जा रही है।