गहरौली(हमीरपुर)। गर्मी आते ही पेयजल की समस्या विकराल रूप लेने लगी है। जल जीवन मिशन के तहत दो साल पूर्व लोगों को कनेक्शन तो कर दिए गए, लेकिन अब तक इनमें स्टैंड व टोंटियां तक नहीं लगाई गई हैं। पेयजल की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने बारात साला का उद्घाटन करने आई राठ विधायिका का घेराव कर समस्या से अवगत कराया। विधायक ने मामले का निस्तारण करने के लिए डीएम से वार्ता की है।
मुस्करा क्षेत्र में जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर को नल से जल पहुंचाए जाने की कवायद फाइलों में दम तोड़ती नजर आ रही है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही का आलम यह है कि पुरे क्षेत्र के 80 प्रतिशत घरों में कनेक्शन कर वितरण प्रणाली पाइप लाइन डालकर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। किसी भी घर में स्टैंड व टोंटिया तक नहीं लगाई गई हैं। सबसे अधिक परेशानी गहरौली गांव में देखने को मिल रही है। इंटर कॉलेज से लेकर खरेला निकास, ढीमर बस्ती और बराएं निकास की दलित बस्ती में करीब 150 घरों में कनेक्शन होने के दो साल बाद भी पानी नहीं आया है।
दो साल पूर्व हुआ कनेक्शन, अभी तक नहीं मिला पानी
आंगनबाड़ी केंद्र के पीछे दलित बस्ती में रहने वाली रामकली ने बताया कि दो साल पूर्व कनेक्शन हुए थे, लेकिन पानी आज तक नहीं मिला है। बाहर पड़ी हुई वितरण पाइप लाइन को दिखाते हुए बताया कि किसी भी घर में टोंटी तक नहीं लगाई गई हैं।
एक सप्ताह में पेयजल आपूर्ति कराए जाने की मांग
बीते शनिवार को इसी दलित बस्ती में बारात साला का उद्घाटन करने आई क्षेत्रीय विधायक मनीषा अनुरागी को मोहल्ले की दर्जनों महिलाओं ने पेयजल समस्या को लेकर आक्रोश जाहिर किया। जिसपर विधायक ने मौके से ही डीएम से दूरभाषा पर वार्ताकर दलित बस्ती में एक सप्ताह के अंदर पेयजल आपूर्ति बहाल कराए जाने को कहा है।
गहरौली गांव में 95 फीसदी घरों पर पानी पहुंच रहा है। गांव में करीब 2,500 कनेक्शन हैं। जहां भी थोड़ी बहुत समस्या है, उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। - संदेश सिंह तोमर, अधिशासी अभियंता ग्रामीण जल निगम।