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कोडीनयुक्त सिरप कांड : दिन में बंद रहती थी दुकान, सुबह-शाम पहुंचता था माल

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भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। बांदा में सामने आए कोडीनयुक्त कफ सिरप के तार टेढ़ा गांव स्थित ओम मेडिकल स्टोर से जुड़े हैं। ग्रामीणों के अनुसार ओम मेडिकल स्टोर दिन में अधिकांश समय बंद रहता था। दुकान सुबह और शाम ही खुलती थी। इस दौरान माल इधर-उधर भेजे जाने की गतिविधियां दिखाई देती थीं।
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बुधवार देर शाम एसटीएफ ने मेडिकल स्टोर संचालक रविंद्र गुप्ता को हिरासत में लिया था। एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान दुकान से कुछ प्रतिबंधित दवाएं बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। ग्रामीणों का कहना है कि माल लेने के लिए ज्यादातर चार पहिया वाहन आते थे। वाहन दुकान के आसपास रुकते थे और चालक चुपचाप माल लेकर चले जाते थे। इन गतिविधियों को लेकर गांव में शुरू से ही तरह-तरह की चर्चाएं होती थीं।
पूर्व प्रधान सौरभ सिंह ने बताया कि गांव में दुकान खोली तो गई थी लेकिन उसका उद्घाटन तक नहीं हुआ था। इसके बावजूद दुकान से कारोबार शुरू हो गया था। ग्रामीण अक्सर आपस में चर्चा करते थे कि जब दुकान खुलती ही नहीं और उद्घाटन भी नहीं हुआ तो आए दिन चार पहिया वाहन यहां क्या लेने आते हैं।
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बांदा में तीन सितंबर को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एसटीएफ और पुलिस ने 30 हजार शीशियों वाली कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप पकड़ी थी। जांच में सामने आया कि खेप को मेडिकल स्टोर के बजाय नशे के अवैध कारोबार में खपाया जाना था। मामले की जांच के दौरान टेढ़ा स्थित ओम मेडिकल स्टोर और उसके संचालक रविंद्र गुप्ता का नाम सामने आया था।
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों की पुरानी चर्चाओं को भी मामले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और एसटीएफ की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि ओम मेडिकल स्टोर के जरिए कितनी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप मंगाई गई और इसे कहां-कहां खपाया गया।
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