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Hamirpur News: बेतवा पुल निर्माण में देरी पर स्पष्टीकरण, पेनाॅल्टी व भुगतान में होगी कटाैती

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फोटो 21 एचएएमपी 24- बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु का औचक निरीक्षण करते जिलाधिकारी अभिषेक गोयल।
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हमीरपुर। रोहाइन नाला बाईपास परियोजना बेतवा नदी पर करीब 302.75 करोड़ रुपये की लागत से चार समानांतर पुल बनाए जा रहे हैं। नौ साल से चल रहे निर्माण के बावजूद चारों में से एक भी पुल यातायात के लिए चालू नहीं हो सका है। शुक्रवार को जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में देरी पर अधिशासी अभियंता व ठेकेदार को फटकार स्पष्टीकरण तलब करते हुए ठेकेदार पर पेनल्टी और भुगतान में कटौती के निर्देश दिए हैं।
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अमर उजाला में पुलों की धीमी रफ्तार पर खबरें प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सेतु का औचक निरीक्षण किया। मौके पर पर्याप्त संसाधन नहीं मिले और एक लॉन्चर के सहारे काम चलता मिला। इस पर डीएम ने सेतु निगम के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। संवाद न्यूज एजेंसी ने 14 जून को पहली पड़ताल में नौ साल बाद भी अधूरे पुलों और 87 फीसदी भौतिक प्रगति के दावे के बीच मौके की स्थिति सामने रखी थी। इसके बाद 15 जून को छह माह में तीन पुलों का निर्माण पूरा करने की चुनौती और 17 जून को श्रमिक सुरक्षा व यमुना पुल की लॉन्चिंग का मुद्दा उठाया गया।
डीएम के निरीक्षण में भी निर्माण की गति और संसाधनों की कमी सामने आई है। पुल के पहुंच मार्ग पर मलबा, बोल्डर और निर्माण सामग्री पड़ी मिली। इससे सड़क की स्थिति खराब थी। डीएम ने सेतु निगम को एक सप्ताह के भीतर मार्ग से मलबा और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद लोक निर्माण विभाग को सड़क की मरम्मत और निर्माण का काम शुरू कराने को कहा गया है। परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
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फिलहाल प्रशासन और सेतु निगम का जोर पहले दोनों नदियों पर एक-एक लेन को यातायात के लिए चालू कराने पर है। बेतवा की तैयार लेन को अक्तूबर में खोलने का प्रयास है, जबकि यमुना में निर्माण पूरा होने के बाद लेन चालू कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

एक लॉन्चर के सहारे चल रहा था काम
निरीक्षण में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं पाए गए। केवल एक लॉन्चर से काम संचालित होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता से निर्माण में देरी का स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही क्रेन, लॉन्चर और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था कर काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार के अनुसार काम में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त लॉन्चर लगाने की तैयारी है। बारिश के कारण पिछले करीब 20 दिन से निर्माण की रफ्तार प्रभावित होने की बात भी उन्होंने कही।

कार्य में लापरवाही के लिए ठेकेदार जिम्मेदार
डीएम ने निर्धारित संसाधन उपलब्ध न कराने और कार्य में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदार पर नियमानुसार पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही भुगतान में कटौती की कार्रवाई करने को कहा। पेनल्टी की राशि फिलहाल तय नहीं हुई है। दिलीप कुमार के अनुसार अनुबंध की शर्तों के अनुसार प्रावधान देखने के बाद इसकी कार्रवाई की जाएगी।



बेतवा का एक पुल अंतिम चरण में
बेतवा नदी पर दो समानांतर पुल बनाए जा रहे हैं। इनमें एक पुल की एक लेन की लॉन्चिंग पूरी हो चुकी है और अब काम अंतिम चरण में है। 14 एक्सपेंशन जॉइंट में से 12 पूरे हो चुके हैं और दो बाकी हैं। इनके पूरा होने के बाद अन्य जरूरी कार्य कर लेन को यातायात के लिए तैयार किया जाएगा। सेतु निगम के अनुसार इसे अक्तूबर में चालू कराने का प्रयास है। वहीं, बेतवा नदी पर बन रहे दूसरे समानांतर पुल की लॉन्चिंग अभी बाकी है। यानी बेतवा पर एक पुल चालू होने की स्थिति में पहुंचा है, जबकि दूसरे पर अभी काम आगे बढ़ना बाकी है।

यमुना के एक पुल में तीन स्पैन पूरे
यमुना नदी पर भी दो समानांतर पुल बनाए जा रहे हैं। इनमें एक पुल पर लॉन्चिंग का काम चल रहा है। कुल 16 स्पैन वाले इस पुल में तीन स्पैन की लॉन्चिंग पूरी हो चुकी है, जबकि चौथे पर काम चल रहा है। बारिश के कारण नदी क्षेत्र में काम प्रभावित होने की बात सेतु निगम ने कही है। दूसरे यमुना पुल की स्थिति इससे भी पीछे है। यहां पिलर का काम अभी बाकी है, इसलिए इसकी लॉन्चिंग शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में यमुना के दोनों पुल अभी निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं।

पड़ताल में सुरक्षा पर सवाल, अब बेल्ट अनिवार्य
संवाद न्यूज की पड़ताल में बेतवा पुल पर 20 से 25 मीटर ऊंचाई पर काम करते श्रमिकों के पास हेलमेट तो मिले थे लेकिन सुरक्षा बेल्ट का इस्तेमाल नजर नहीं आया था। अब डीएम ने सभी श्रमिकों के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, जैकेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य इस्तेमाल सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक संसाधन बढ़ाकर काम की गति तेज कराई जाएगी। लापरवाही पर पेनल्टी और भुगतान में कटौती की कार्रवाई होगी। निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराया जाएगा। - अभिषेक गोयल, जिलाधिकारी, हमीरपुर
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