हमीरपुर। दीवानी न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश विकार अहमद अंसारी के निर्देशन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला जज ने दीप जलाकर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिसमें आपसी सुलह व समझौते के आधार पर 1040 वाद निस्तारित हुए। एक करोड़ 49 लाख 49 हजार 333 की धनराशि जुर्माने के तौर पर वसूली गई।
लोक अदालत में परिवार न्यायालय से 13, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट से दो, विशेष न्यायाधीश (दप्रक्षे) से तीन, विशेष न्यायाधीश (आवअधि) से 67, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से कुल 783 सिविल जज सीनियर डिविजन से कुल दस, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से दो, सिविल जज जूनियर डिविजन से सात, सिविल जज जूडि मौदहा से 108, सिविल जज जूडि राठ से नौ, मोटर दावा अधिकरण से कुल 24 निस्तारित हुए। कुल 1040 वाद निस्तारित किए गए। जिनसे एक करोड़ 49 लाख 49 हजार 333 रुपये की धनराशि समझौते के रूप में मिली।
इंडियन बैंक के प्रतिनिधि सुनील यादव ने बताया सभी बैंकों के कुल 15558 मामलों में से 385 वादों का निस्तारण हुआ। जिसमें कुल सात करोड़ पांच लाख चार हजार की धन राशि समझौते के रूप में मिली। लोक अदालत के नोडल अधिकारी/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो द्वितीय नीरज महाजन, प्रथम अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश जी प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्पेशल पाक्सो एक्ट प्रवीन सोनकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, सिविल जज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुदेश कुमार, सिविल जज आतिफ सिद्दीकी, सिविल जज एफटीसी कीर्ति सिंह रहे।