हमीरपुर। मनरेगा के कार्यों की निगरानी व मजदूरों की मदद के लिए नागरिक सामाजिक संगठन (सीएसओ) की नियुक्ति होगी। सीएसओ में पांच कर्मियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। मनरेगा कार्यों के सत्यापन के लिए दो वाहन भी मुहैया कराए जाएंगे। इस पर प्रतिमाह एक लाख रुपये का खर्च आएगा।
शहरों से आए मजदूरों को गांव स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 30 जून तक मनरेगा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। ताकि प्रवासी मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिल सके। मनरेगा में काम देने व भुगतान की समस्या के निराकरण के लिए शासन ने सीएसओ की नियुक्ति का फैसला लिया है।
इसका मुख्य कार्य मनरेगा के प्रति लोगों को जागरूक कर साधन जुटाना है। वहीं काम मांगने वाले को जॉबकार्ड निर्गत कराकर उनकी सहायता करनी है। ताकि उन्हें बिना काम मांगे काम मिलता रहे। शासन से आए निर्देशों के तहत सीएसओ में दो वाहनों पर प्रति माह 50 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। तैनात होने वाले प्रत्येक कर्मी को प्रतिमाह 8 हजार रुपये मिलेगा।
वहीं प्रशासनिक मद में 10 हजार रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रतिमाह इस प्रशासनिक कार्य में कुल एक लाख के व्यय का प्राविधान किया गया है। काम पर लगे मजदूरों के साथ फोटोग्राफ खींचकर राज्य मुख्यालय भेजने होंगे। सीएसओ की ओर से मजदूरों को समूह में गठित कर प्रशिक्षित किया जाएगा। श्रमिकों को सामाजिक दूरी के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सीएसओ की जिम्मेदारी होगी कि जिले में कम से कम 120 ग्राम पंचायतों में एक-एक मजबूत श्रमिक संगठन गठित कर प्रशिक्षित करें। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह ने बताया जनपद में इस समय मनरेगा के तहत करीब 1400 कार्य चल रहे हैं। जिसमें 56864 मजदूर काम कर रहे हैं।
विकास कार्यों की होगी जांच
राठ। गोहांड ब्लाक के अकौना गांव में मनरेगा के तहत वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक कराए गए कार्यों में धांधली की शिकायत पर मंगलवार को जांच टीम गांव पहुंच रही है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के निर्देश पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी बृजेश कुमार यादव ने पत्र जारी कर अनियमितताओं की स्थलीय जांच के निर्देश दिए हैं। संवाद