हमीरपुर। मुख्य विकास अधिकारी रामकुमार सिंह के निर्देश पर कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा के वैज्ञानिक दल ने बेतवा नदी किनारे मंझूपुर व रोहाइन नाला के किनारे के क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। वैज्ञानिक डा. एसपी सोनकर कहा कि यमुना, बेतवा, केन, धसान एवं विरमा नदी हैं। इनके किनारे व समीपवर्ती क्षेत्र ढालूदार बाढ़ग्रस्त हैं। नदी के किनारे मौरंग का जमाव है। बारिश में जलभराव के कारण कृषि कार्य बाधित रहता है।
लेकिन वर्षा के ठीक बाद मौरंग के भू भागों में संसाधन विहीन किसान सब्जी उत्पादन का कार्य करते हैं। सर्वेक्षण दल ने स्थलीय निरीक्षण में पाया कि किसान नदी के पानी को घड़े में कंधे में लाकर सिंचाई करते मिले। बुंदेलखंड के भीषण तापक्रम में भी 45 से 48 डिग्री सेंटीग्रेड पहुंचने पर किसान फसल को सुरक्षित कर बचा लेते हैं। वैज्ञानिक डा. फूल कुमारी, डा. शालिनी ने सब्जी कृषकों से विस्तार से वार्ता कर जनपद की भौगोलिक स्थिति को समझा।