उर्दना गांव में सड़क जाम कर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
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मौदहा (हमीरपुर)। उरदना गांव में जर्जर तारों को बदलने के नाम पर डाली गई घटिया केबल टूटने और जोड़ने की बात पर जेई के असमर्थता जताने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह मौदहा-बांदा मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम से करीब दो घंटे आवागमन बाधित रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पावर कारपोरेशन के अधिकारियों को बुलाया। साथ ही ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया।
उरदना गांव में बुधवार की शाम दो घरों और एक पशुबाड़े में बिजली की केबल टूट गई थी। सूचना पर ग्रामीणों ने मामले की जानकारी अवर अभियंता राजीव प्रसाद को दी तो उन्होंने स्टोर में केबल नहीं होने की बात कर तार जोड़ने पर असमर्थता जताई। इससेे आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह करीब आठ बजे मौदहा-बांदा मार्ग पर झांखर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा तीन माह पूर्व भी तार टूटने के बाद जोड़नेे में हीलाहवाली करने पर मौदहा कपसा मार्ग पर जाम लगाना पड़ा था। तब आश्वासन के बाद भी बिजली विभाग की कार्यशैली में सुधार नहीं आया है। बताया बुधवार रात रामकरण कुशवाहा और हीरालाल पाल के घरों में केबल टूटने से आग लगते बची। ग्रामीणों की सहायता से केबल को हटाया।
जाम लगाए लोगों ने कहा फोन पर जेई को अवगत कराया। लेकिन जेई राजीव प्रसाद ने केबल नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इसी के बाद सुधीर सिंह के नेतृत्व में गुरुवार सुबह मौदहा-बांदा मार्ग पर जाम लगाना पड़ा। सूचना पर पहुंचे कोतवाल तारा सिंह पटेल ने कहा काफी समय समझाने के बाद जाम खुला है। उक्त मामले में उपखंड अधिकारी राकेश कुमार ने कहा मामले की जानकारी होते ही जेई को मौके पर भेजा गया है। बताया गांव में लोड अत्यधिक होने से केबल टूटती हैं। कनेक्शन के हिसाब से ट्रांसफार्मर रखे जाते हैं। उनकी समस्या सही है तो समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
उर्दना गांव में सड़क जाम किए ग्रामीणों को समझाते कोतवाल तारा सिंह पटेल। संवाद- फोटो : HAMIRPUR