हमीरपुर। जिले में कुल 567 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। जिनमें एक तिहाई नलकूप ठप पड़े हैं। ऐसे में हजारों हेक्टेयर जमीन दो वर्षों से सिंचाई से बाधित है। विगत कई वर्षों में औसत से कम बारिश होने से भूजल स्तर नीचे चला गया। वहीं भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 61.67 प्रतिशत के अनुपात से भूजल दोहन जिले में हो रहा है। बंद पड़े कुल 177 नलकूपों में 40 जलस्तर नीचे जाने से पानी नहीं दे रहे हैं।
वहीं 116 नलकूपों का रिबोर होना है। 13 यांत्रिक कमी से व 8 नलकूप ट्रांसफार्मर की कमी से बंद हैं। विभाग की माने तो इस बार हुई अच्छी बारिश से भूगर्भ जलस्तर ऊपर आने की संभावना है। जिनकी जांच कराई जा रही है। बतादें विगत कई वर्षों बाद इस बार जिले में अच्छी बारिश हुई है। जिससे भूजल स्तर में सुधार हुआ है। वहीं कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अभी तक करीब 690 एमएम बारिश हो चुकी है।
गांव के दो नलकूप वर्षों से ठप
सौंखर निवासी किसान गंगादीन ने बताया गांव में दो राजकीय नलकूप कई वर्षों से ठप पड़े हैं। चोर एक नलकूप का दरवाजा उखाड़कर ले गए हैं। सैकड़ों बीघे जमीन में सिंचाई नहीं हो पाती है। प्राइवेट नलकूपों के जरिए चार सौ रुपये प्रति बीघा के हिसाब से पानी लेकर सिंचाई करनी पड़ रही है। लेकिन इनका रिबोर अभी तक नहीं हुआ है।
जलस्तर नीचे जाने से दो वर्ष से ठप नलकूप
पत्योरा निवासी विजय कुमार पांडे, सुखलाल निषाद आदि ने बताया बीतेे दो वर्षों से 156 नंबर राजकीय नलकूप ठप पड़ा है। खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है। पैदावार घटती जा रही है। निजी नलकूप मालिक मनमानी रेट ले रहे हैं। कहा मौजे में तीन राजकीय नलकूप वर्षों से ठप हैं। जिससे किसान एक ही फसल ले पाते हैं। अभी तक नलकूप विभाग ने इनकी जांच तक नहीं कराई है।
गतवर्ष की तुलना में कम हुई बारिश
कृषि विभाग के जारी आंकड़ों के मुताबिक गतवर्ष की तुलना में बारिश कम है। देखा जाए तो गतवर्ष कुल 749.02 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। इस बार अभी तक 690 एमएम बारिश हुई है। वहीं वर्ष 2019 में 1103 एमएम बारिश हुई थी। इस बारिश ने पिछले 11 वर्ष का रिकार्ड तोड़ा था। इससे पहले वर्ष 2008 में औसत वर्षा 99 फीसदी रिकार्ड की गई थी। इसी तरह 2003 में 101 फीसदी औसत वर्षा रिकार्ड हुई थी।
जिले में कुल 567 राजकीय नलकूप हैं। जिसमें 116 नलकूप रिबोर के कारण बंद हैं। वहीं 40 जलस्तर नीचे जाने से व 13 भौतिक कमी और 8 नलकूप ट्रांसफार्मर की कमी से बंद हैं। कहा इस वर्ष रिबोर के लिए तीन नलकूपों का लक्ष्य मिला है। कहा बारिश अच्छी होने के कारण कुछ नलकूपों का जलस्तर ऊपर आने की संभावना है। जिनकी जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - एसके त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता नलकूप प्रखंड