बिवांर में आपबीती सुनाता बिहारी सोनी।
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कस्बे की इलाहाबाद बैंक में नोटबंदी के बाद से अभी तक हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। बैंक के बाहर लाइन में लगे लोग नगदी को लेकर परेशान हैं। कस्बा बिवांर के बिहारी सोनी अपनी मां के साथ गुरुवार को नगदी निकालने पहुंचा, तो कैशियर ने विड्राल फार्म फाड़ दिया। उन्होंने बताया कि उसकी बेटी की शादी 16 जनवरी को है।
ग्रामीण क्षेत्रों की बैंकों में नई करेंसी अभी भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ता खासे परेशान हैं। कस्बा निवासी बिहारी सोनी ने बताया कि बेटी की शादी के लिए कुछ रुपये वह पहले निकाल चुका है। लेकिन बुधवार को वह मां के साथ बैंक से रुपये निकालने पहुंचा। विड्राल फार्म पर 20 हजार रुपये भरे तो कैशियर ने उसे फाड़कर फेंक दिया।
जिस पर वह मैनेजर के पास पहुंचा और उनसे इसकी शिकायत की। लेकिन उन्होंने भी शिकायत को अनसुना करते हुए किसी और दिन आने को कहा। पीड़ित ने बताया कि एक सप्ताह पहले पुत्री राखी को भी मैनेजर ने खाली हाथ लौटा दिया था। वहीं कस्बा निवासी राजेश पाठक का भी आरोप है कि बैंक में मुंह देखी बर्ताव होता है। कहा कि अगर बैंक की ठीक जांच हो जाए तो बड़े घपले का खुलासा हो सकता है। इस मामले में इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक एके बधानी ने कहा कि वह इस मसले पर कुछ भी नहीं बताएंगे।