हमीरपुर। अब पुल और पुलियों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। साल में दो बार उसकी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को देनी होगी, ताकि हादसों पर रोक लगाई जा सके। 500 मीटर लंबे पुलों की विभाग के मुख्य अभियंता जांच करेंगे। लोनिवि मुख्यालय के इस निर्देश पर अभियंता पुलों को जायजा लेने में जुट गए हैं।
पुलों व पुलियों के क्षतिग्रस्त होने के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। जहां जान व माल का भारी नुकसान होता है, वहीं विभाग भी परेशान होता है। विभाग की छवि सुधारने के लिए मुख्यालय से मिले निर्देशों के अनुसार सभी जिम्मेदारों को अवगत करा दिया गया है। संबंधित अभियंताओं ने पुलों व पुलियों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
लोनिवि मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार शून्य से छह मीटर लंबे आरसीसी व ह्यूम पाइप के पुलियों के निरीक्षण के लिए अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, छह से 60 मीटर लंबे पुलों के लिए सहायक अभियंता, 60 से 200 मीटर लंबे पुलों के लिए एक्सईएन, 200 से 500 मीटर लंबे पुलों के लिए अधीक्षण अभियंता व 500 मीटर से अधिक लंबे पुलों के निरीक्षण के लिए मुख्य अभियंता जिम्मेदार बनाए गए हैं। जिनकी रिपोर्ट पर पुलों व पुलियों की हालत सुधारी जाएगी। साल में हर बरसात से पहले मई व बरसात के बाद नवंबर में जांच रिपोर्ट मुख्यालय को अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी, ताकि हादसों को समय से रोका जा सके और आवागमन में कोई बाधा न खड़ी होने पाए।
शासन स्तर से सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं व एक्सईएन को निर्देश जारी किया गया है। सभी छोटे से लेकर बड़े पुलों का नियमित निरीक्षण करवाया जाए। ताकि कोई भी समस्या आने से पहले उससे निपटा जाए। -बीएल सिंह, अधीक्षण अभियंता, लोनिवि
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जनपद में 500 मीटर से ऊपर के चार पुल हैं। 200 मीटर से 500 मीटर के मध्य एक भी पुल नहीं है। वहीं, 60 मीटर से ऊपर के सात पुल स्थित हैं।