हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के पांचवें दिन मंगलवार को जिला स्तरीय जांच समिति में शामिल विशेषज्ञ सदस्य लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ई. सुनील कांत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होने करीब 45 मिनट तक ध्वस्त स्लैब, क्षतिग्रस्त पिलर और मलबे का निरीक्षण किया। इस दौरान तकनीकी पहलुओं पर गहनता से पड़ताल की लेकिन मौके से किसी प्रकार का कोई नमूना नहीं लिया।
इससे पहले सोमवार को शासन से नामित तीन सदस्यीय विशेषज्ञ जांच टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक हादसे के कारणों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की गहन पड़ताल की थी। साथ ही टूटे पिलर, स्लैब और मलबे से कोर कटिंग के साथ स्टील के नमूने भी लिए थे।
बृहस्पतिवार रात करीब 12:20 बजे आंधी तूफान के बीच कुरारा थाना क्षेत्र के कुंठौर व जलालपुर थाना क्षेत्र के मोराकांदर परसनी गांव के बीच बेतवा नदी पर बन रहे पुल का पांच नंबर पिलर व स्लैब भरभराकर गिर गए थे। इस हादसे में चार श्रमिकों व दो सुरक्षा कर्मियों की दबकर मौत हो गई थी। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसमें शामिल अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे सुरेश कुमार ने चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर बीके सेन के साथ घटना स्थल का मुआयना किया और जांच की थी।
कमेटी के तकनीकी सदस्य लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता इं. सुनील कांत अवकाश पर थे। मंगलवार को अवकाश से लौटने के बाद वे राज्य सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर बीके सेन के साथ जांच को पहुंचे। उन्होंने पुल के ध्वस्त पांच नंबर पिलर व 21 सेगमेंट के मलबे को करीब से देखा। इसमें सरिया, कंकरीट को भी चेक किया। माना जा रहा है कि विशेषज्ञ सदस्य अपनी तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर जिला स्तरीय जांच समिति के अध्यक्ष को सौंपेंगे, जिसके आधार पर हादसे के कारणों को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी।
सिर्फ मुआवजा नहीं, पुल हादसे के दोषियों पर कार्रवाई भी हो
हमीरपुर। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा के नेतृत्व में 13 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के पीड़ितों से मंगलवार को मुलाकात की। उनकी पीड़ा सुनी और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपा। कहा कि मृतक आश्रितों को सिर्फ मुआवजा ही नहीं उन्हें न्याया भी चाहिए। हादसे के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य स्वासा खुर्द गांव निवासी मृतक पुष्पेंद्र सिंह चौहान के घर पहुंचे। उनके पिता व भाई को सांत्वना दी। शासन द्वारा दी गई सहायता के बारे में भी वार्ता की। इसके बाद कांग्रेसी अचपुरा गांव पहुंचे जहां राजेश पाल के वृद्ध दादी, पत्नी व बेटियों से मिले। इसके बाद मुख्यालय पर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से छह श्रमिकों की मौत की घटना केवल एक हादसा नहीं बल्कि निर्माण कार्यों में बरती गई गंभीर लापरवाही का परिणाम है। तेज आंधी और खराब मौसम के दौरान पुल का स्लैब, शटरिंग और अन्य संरचनात्मक हिस्से ढह गए। निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा मानकों की निष्पक्षता से गहन जांच जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि यह जानना चाहते हैं कि उनके अपनों की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है। ज्ञापन में हादसे की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई।
इस मौके पर महासचिव मितेंद्र दर्शन सिंह, दीपक शिवहरे, पूर्व विधायक ग्यादीन अनुरागी, देवेंद्र मोहन चौबे, जिलाध्यक्ष गोविंद अहिरवार, रूपेश सिंह भदौरिया, संजयवीर सिंह लोधी, देवदत्त भार्गव, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, सत्तार गौस समेत अन्य कांग्रेसी मौजूद रहे।