गोहांड में पेयजल नलकूप की बोरिंग फेल
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गोहांड कस्बे में पेयजल के लिए मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। लंबी जद्दोजहद के बाद बांदा की जलनिगम यांत्रिक शाखा ने पेयजल नलकूप के लिए बोरिंग कराई। लेकिन एक हफ्ते से चल रहे कंप्रेशर के बावजूद पानी नहीं निकल सका। हालत यह है इस कार्य में लगे कर्मचारी अपना सामान समेट कर चले गए हैं। पानी की किल्लत से जूझ रहे कस्बेवालों को राहत मिलती नहीं दिख रही है।
कस्बे का भूगर्भ जलस्तर गिरने से जल संस्थान में स्थापित दो नलकूप लंबे समय से बंद पड़े हैं। जिससे कस्बे की जलापूर्ति लंबे अर्से से बाधित है। जिसके मद्देनजर जलनिगम यांत्रिक शाखा बांदा ने कस्बे के विद्युत सब स्टेशन के पास करीब एक माह पूर्व नए नलकूप का बोर किया है। जिसकी पिछले एक सप्ताह से ठेकेदार बोरिंग की सफाई करा रहा है।
लेकिन सात दिन के लंबे प्रयास के बाद भी कंप्रेशर पानी न खींचने में असफल है। पानी निकालने में असफल होने पर ठेकेदार अपना बोरिया बिस्तर समेट कर शुक्रवार को चला गया। इस बोर के फेल होने से पीने के पानी का बढ़ा संकट फिलहाल और बढ़ने की संभावना है।
काम में लगे मजदूरों ने बताया कि अस्थाई रूप से डिलेवरी पाइप व छोटी विद्युत मोटर डालकर भी पानी निकालने का प्रयास किया गया है, लेकिन पानी नहीं निकाला जा सका। वह तकनीकी खामी नहीं बता सके । कस्बा सहित क्षेत्र में भूगर्भ जलस्तर मौजूदा समय में 120 फीट है। जबकि जलनिगम ने 140 फीट बोरिंग कराई है।