फोटो 17 एचएएमपी 10- झंडा स्थल पर मार्बल पत्थर टूटकर बिखरे पड़े। संवाद
हमीरपुर। बेतवा पथवे उपेक्षा का शिकार है। सुबह-शाम यहां टहलने और घूमने आने वाले लोगों के लिए यह तटबंध अब असुरक्षित हो गया है। ई-रिक्शा और बाइक की आवाजाही रोकने के लिए लगाए गए पाइप काट दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने तटबंध के रास्तों पर पालतू पशुओं (भैंस, बकरी) को बांधकर कब्जा कर लिया है। तटबंध पर लगीं 35 स्ट्रीट लाइटों में अधिकांश खराब पड़ी हैं। सुरक्षा के लिए कोई चौकीदार या पुलिसकर्मी की तैनाती भी नहीं है। हर साल बारिश के सीजन में यहां पौधे रोपित किए जाते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए गए, लेकिन देखरेख के अभाव के कारण ज्यादातर पौधे सूख गए हैं। वहीं, लोगों के विश्राम के लिए बनाई गई सीमेंट की सीटें भी टूट-फूट गई हैं।
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स्थायी चौकीदार की हो तैनाती
बेतवा तटबंध में प्रकाश व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। झुके बिजली पोल, लटकते तार सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। अराजकतत्वों को रोकने के लिए स्थायी चौकीदार की तैनाती होनी चाहिए। - आरपी निगम, शहरवासी।
वाहनों का रोका जाए प्रवेश
तटबंध शहरवासियों की धरोहर है। यहां पर वाहनों को रोकने के लिए मजबूत अवरोधक लगाएं जाएं। जिससे कि वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोका जा सके। प्रशासन को यहां साफ-सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए।- बालादीन कुटार, रमेड़ी।
मामले की जानकारी नहीं है। संबंधित ईओ को बोलकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।
- रिजवाना शाहिद, एडीएम न्यायिक।
फोटो 17 एचएएमपी 10- झंडा स्थल पर मार्बल पत्थर टूटकर बिखरे पड़े। संवाद
फोटो 17 एचएएमपी 10- झंडा स्थल पर मार्बल पत्थर टूटकर बिखरे पड़े। संवाद