मनरेगा मजदूरी, राशन, इंदिरा/लोहिया आवास न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने विकासखंड कार्यालय में बीडीओ का घेराव किया। ग्रामीणों की बीडीओ व सचिव से जमकर नोकझोंक भी हुई। हंगामा कर रहे मजदूरों को रोकने के लिए बीडीओ ने पुलिस बुला ली। मामला बढ़ता देख बीडीओ ने ज्ञापन लेकर मजदूरों का कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिसके बाद मामला शांत हुआ।
विकासखंड क्षेत्र के मोराकांदर के करीब आधा सैकड़ा मजदूर विकासखंड कार्यालय आ धमके और बीडीओ कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। मजदूरों का आरोप है कि मनरेगा का कार्य 29 जून को बंद हो गया था। लेकिन अभी तक मजदूरी नहीं दी गई।
साथ ही कुछ ग्रामीणों का कहना था कि गरीब होने के बावजूद उन्हें शौचालय व इंदिरा/लोहिया आवास नहीं दिए गए। जिसे लेकर मजदूरों ने विकासखंड कार्यालय परिषद में नारेबाजी करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए बीडीओ महेंद्र देव ने थानाध्यक्ष को मोबाइल पर सूचना देकर पुलिस बुलवा ली।
मौके पर आए कस्बा इंचार्ज नारायन सिंह ने मजदूरों को समझाया। वहीं, बीडीओ ने उनके ज्ञापन को लेकर जांच कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद मजदूर शांत हुए। मजदूरों का कहना है कि गांव में कोई सचिव काम नहीं कर रहा है। हर महीने सचिव बदल दिया जाता है। जिससे उनके भुगतान फंसे हुए हैं।
साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटेदार राशन देने में आनाकानी करता है और कई लोगों के राशनकार्ड भी नहीं बनवाए। साथ ही सरकारी कालोनी व शौचालय न दिए जाने का भी आरोप लगाया। इस मौके पर गांव के रामनारायन, प्रेमा देवी, रामकिशोर, आशा देवी, सरोज कुमारी, मनफूल, देवी प्रसाद, रानी, कृपाल, हल्के, बृजकिशोर, अपसाना, छोटेलाल, विजय पाल, बदलू, श्यामादेवी सहित करीब आधा सैकड़ा मौजूद रहे।