हमीरपुर। बीती 20 फरवरी को बेमौसम बारिश, आंधी व ओलावृष्टि से 51 गांवों में 18,091 किसानों की 15,546 हेक्टेयर में बोई फसलों का 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ।
जिला प्रशासन ने सर्वे कराकर कृषि निवेश अनुदान के तहत सहायता के लिए शासन ने 23 करोड़ 29 लाख 10 हजार 370 रुपये की मांग शासन से की है। असिंचित भूमि पर 8,500 व सिंचित में 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जानी है। जो काफी कम है। ऐसे में किसानों की लागत भी नहीं निकल पाएगी।
राजस्व विभाग की माने तो शासन द्वारा दैवी आपदा में प्रभावित 33 फीसदी से अधिक फसलों के नुकसान पर मुआवजा देने का प्रावधान है। सिंचित एरिया में प्रति हेक्टेयर 17 हजार व असिंचित एरिया में साढ़े आठ हजार निर्धारित है। अधिकतम दो हेक्टेयर तक सहायता दी जानी है। इससे अधिक नुकसान राजस्व विभाग नहीं दे सकता। ओलावृष्टि से किसानों की शतप्रतिशत फसलें बर्बाद हो गईं हैं, जिससे किसान घर से लागत लगा जबरदस्त आर्थिक चोट महसूस कर रहा है।
सिंचित फसलों की बोआई से लेकर अब तक किसान प्रति हेक्टेयर 30 से 33 हजार रुपये की लागत लगा चुका है। वहीं, असिंचित में 24 से 26 हजार रुपये तक लागत आ चुकी है। सहायता के रूप में प्रति हेक्टेयर मिलने वाली सहायता नकाफी साबित होगी। (संवाद)
सिंचित हो या असिंचित दोनों प्रकार की फसलों की बोआई को चार से पांच बार जुताई करा खेत तैयार करना पड़ता है। जिसका खर्च छह से सात हजार रुपये प्रति हेक्टेयर आता है। ऐसे में खाद बीज व सिंचाई के अलावा देखरेख की मजदूरी का खर्च अलग है। सहायता के रूप में किसानों को लागत तो मिलनी ही चाहिए। इसके लिए सहायता के मानक बढ़ाए जाने चाहिए। - वीरेंद्र प्रजापति, किसान जखेला।
तीन हेक्टेयर में गेहूं के अलावा मटर, चना बोया। फसल देख मिलने वाले लाभ से तरह-तरह के सपने संजोए थे। ओलावृष्टि के बाद सब चकनाचूर हो गए। उसके अलावा बोआई, सिंचाई में लगाई लागत भी साथ में जाने से ज्यादा दुख हुआ। यह आर्थिक नुकसान तीन साल तक उबरने नहीं देगा। ऐसे में सरकार को सहायता अधिकतम तीन हेक्टेयर तक करनी चाहिए। -रामरतन कुशवाहा, किसान भैंसापाली।
ज्यादातर नुकसान सदर तहसील में हुआ है। जिसका सर्वे करा कृषि निवेश के अंतर्गत सहायता प्रदान करने को शासन से धनराशि की मांग की गई है। काश्तकारों का डाटा राहत आयुक्त की वेबसाइट पर फीड कराने का काम चल रहा है। जल्द ही धनराशि किसानों के खाते में पहुंचेगी। -पवन प्रकाश पाठक, सदर एसडीएम