राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार (महिला कल्याण एवं सांस्कृतिक विभाग )अरुणा कोरी की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट के डा.एपीजी अब्दुल कलाम सभागार में जिला योजना की बैठक हुई। यहां तीन अरब 62 करोड़ 53 लाख रुपये के परिव्यय को सभी की सम्मति से मंजूरी दी गई।
जिला योजना की बैठक को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2015-16 में कराए गए विकास कार्यों की सूची उपलब्ध कराएं, इससे विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन हो सके। उन्होंने अधिशाषी अभियंता राजकीय नलकूप को तालाब, गड्ढे व पोखरों को भरवाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि नए हैंडपंपों की स्थापना के लिए जन प्रतिनिधियों से सूची प्राप्त कर ली जाए।
बैठक में वर्ष 2016-17 की जिला योजना में कृषि विभाग के लिए 10 लाख, उद्यान के लिए 16.16 लाख, पशुपालन के लिए 2.65 करोड़, दुग्ध विकास के लिए 1.24 करोड़, वन विभाग के लिए 9.13 करोड़, एकीकृत ग्राम्य विकास के लिए1.36 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 4061.38 लाख, सिंचाई एवं जल संस्थान के लिए 485 लाख, राजकीय नलकूप के लिए 389.79 लाख, बाढ़ नियंत्रण के लिए 278 लाख, सोलर ऊर्जा के लिए 77.67 लाख, पुलों के लिए 8833.17 करोड़, माध्यमिक शिक्षा के लिए 2835 लाख, प्राथमिक शिक्षा के लिए 1240.99 करोड़, चिकित्सा के लिए 618.44 लाख, ग्रामीण पेयजल के लिए 6326.69 लाख रुपये के परिव्यय की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में जिलाधिकारी उदयवीर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष वंदना यादव, सदर विधायक शिवचरन प्रजापति, राठ विधायक गयादीन अनुरागी, एमएलसी रमेश मिश्रा, पुष्पेंद्र यादव सहित जिला पंचायत सदस्य व जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। एमएलसी रमेश मिश्रा ने कुरारा विकास खंड व अन्य क्षेत्रों की जर्जर सीसी व डामर सड़कों की मरम्मत के लिए प्रभारी मंत्री को प्रस्ताव सौंपा।