मौदहा के बड़े चौराहा में खड़े किए गए अन्ना मवेशी।
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बुंदेलखंड में अन्ना मवेशियों की समस्या दिन पर दिन विकराल हो रही है। चित्रकूट व महोबा में अन्ना जानवरों को लेकर हुई घटना के बाद शनिवार को यहां भी किसान भड़क गए। किसानों ने बड़ी संख्या में अन्ना मवेशियों को हाईवे पर खड़ाकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम व सीओ टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान अन्ना मवेशियों को बाड़े बंद करने की मांग पर अड़े रहे। इस पर अधिकारियों ने इन मवेशियों को मंडी समिति परिसर में बंद कराया। जिसके बाद डेढ़ घंटे से लगा जाम खत्म हुआ। बताते हैं कि अन्ना मवेशियों को लेकर रात में कुछ किसानों के बीच हवाई फायरिंग की भी घटना हुई लेकिन बिवांर व मौदहा पुलिस के आ जाने पर मामला शांत हो गया।
हर गांव में सैक ड़ों की संख्या में अन्ना मवेशी किसानों की नींद हराम किए हैं। रात भर जागने के बाद भी झुंड के झुंड खेतों में खड़ी फसल चट कर रहे हैं। इसे लेकर किसानों ने कुछ स्थानों पर बाड़े बनाकर मवेशियों को बंद भी किया है। लेकिन इनके भूसे चारे की व्यवस्था किसान नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में किसान इन मवेशियों को दूसरे गांवों में हांक देते हैं। इसे लेकर लाठी-डंडों से किसान लैस कई स्थानों पर आमने सामने आ चुके हैं। इसी तरह की घटना पाटनपुर, रोहारी, पिपरौंदा व कम्हरिया गांव के किसानों के बीच हो चुकी है। इन गांवों में बीती रात तमंचा से फायरिंग करने की घटनाएं हुईं। लेकिन बिवांर व मौदहा पुलिस के आने पर एक बड़ी घटना टल गई।
शनिवार को नरायच, कम्हरिया, मकरांव, रोहारी सहित अन्य गांवों के किसानों ने बातचीत कर अन्ना मवेशी को हांककर बड़ा चौराहा पर हाइवे खड़ाकर जाम लगा दिया। सुबह नौ बजे ही हाइवे पर मवेशियों के इकट्ठा होने पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे एसडीएम एसपी अग्रवाल व सीओ उमरदराज खां ने किसानों को काफी समझाया। तब कहीं जाकर डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका।
इसके बाद करीब एक हजार मवेशियों को हाइवे के निकट मंडी समिति परिसर में बंद कराया गया। एसडीएम ने भूसे का प्रबंध कराया है। साथ ही सीओ ने मंडी समिति के कर्मचारियों के साथ दो होमगार्ड रखे हैं। एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि इन मवेशियों के भूसे चारे के लिए चंदा दें। गोरक्षक भी इन मवेशियों की परवरिश में सहयोग करें। सीओ ने बताया कि पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। किसानों की समस्या दूर कराने के लिए उच्चाधिकारियों से बात करेंगे।