फोटो 05 एचएएमपी 06= सुमेरपुर के प्राथमिक विद्यालय कंजौलीडेरा में बच्चों को पढ़ातीं शिक्षक। संव
हमीरपुर। प्राथमिक स्कूल में नौ बच्चों को पढ़ाने के लिए चार शिक्षकों की तैनाती शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कहीं शिक्षक नहीं, तो कहीं शिक्षकों की भरमार है। जिम्मेदारों का कहना है कि दूरी के चलते इस विद्यालय का विलय नहीं हो सका है।
विकासखंड सुमेरपुर के प्राथमिक विद्यालय कंजौलीडेरा से चार किलोमीटर की परिधि में कोई दूसरा विद्यालय नहीं है। एक ओर राष्ट्रीय राजमार्ग तो दूसरी ओर नाला पड़ता है। डेरा में मात्र 20 घर हैं। इनमें मात्र 50 लोग निवास करते हैं। युवा वर्ग परिवार सहित गांव से बाहर रहते हैं। ऐसी स्थिति पर गांव से मात्र नौ बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें कक्षा एक में दो, कक्षा दो में चार, कक्षा तीन, चार व पांच में एक-एक छात्र नामांकित हैं। इनको पढ़ाने के लिए विभाग ने चार शिक्षक तैनात कर रखे हैं। इनमें प्रधानाध्यापिका अमिता वर्मा, सहायक अध्यापक राघवेंद्र गुप्ता व शिक्षामित्र रावेंद्र कुमार व मंजूषा देवी की तैनाती है।
जिले में ऐसे कई विद्यालय हैं, जहां बच्चे कम और शिक्षक ज्यादा हैं। कंजौली डेरा में नौ बच्चों पर चार शिक्षकों की तैनाती है। ऐसे विद्यालयों की रिपोर्ट बनाकर शासन स्तर को भेजी जा चुकी है। शासन स्तर से समायोजन जब किया जाएगा, तभी इनका दूसरे विद्यालयों में संबद्धीकरण हो सकेगा। जिलास्तर से इस पर कोई फेरबदल नहीं किया जा सकता है।
- प्रभाकर तोमर, खंड शिक्षा अधिकारी सुमेरपुर।