कस्बे के सिकंदरपुरा मोहल्ले में पुरानी रंजिश को लेकर शादी समारोह से लौट रहे एक अधिवक्ता की बुधवार रात कुछ लोगों ने घेर कर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। गोली अधिवक्ता के सीने और सिर पर लगीं। मौके पर ही अधिवक्ता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
कसबे के सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी अधिवक्ता अशोक कुमार अहिरवार वकालत का कार्य करते थे। बुधवार की रात वह दातागढ़ी आश्रम के पास रहने वाले कुटू रैकवार के यहां आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब नौ बजे वह अपने एक साथी सिंचाई विभाग में तैनात अमीन कृपाराम के साथ बाइक से घर लौट रहे थे।
तभी घर से कुछ दूर बाइक सवार कृपाराम ने अधिवक्ता अशोक कुमार को घर के निकट उतार दिया और वह अपने घर चले गए। अशोक के भाई कमल अहिरवार ने बताया कि अशोक जब पैदल अपने घर जा रहे थे तभी वहां पहले से घात लगाए खडे़ कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और जान से मारने का प्रयास करने लगे। इसी बीच अधिवक्ता की आरोपियों से भिड़ंत हुई।
कमल ने बताया कि इसी बीच एक आरोपी भूपेंद्र ने तमंचा से फायर किए। गोली सीने और सिर पर लगीं हैं। गोली लगते ही अधिवक्ता वहीं गिर गए। करीब आधा घंटे बाद जब परिजनों को घटना की जानकारी लगी तो हड़कंप मच गया। परिजन अशोक को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक अधिवक्ता के भाई बाबूलाल पुत्र गौरीशंकर अहिरवार ने पड़ोस में रहने वाले अरुण उर्फ लालदिमान पुत्र छोटेलाल अहिरवार उसके पुत्र भूपेंद्र अहिरवार, नरेंद्र, धर्मेंद्र, शैलेंद्र और अरुण के भाई अजय उर्फ बबलू पुत्र छोटेलाल के विरूद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना के बारे में मृतक अशोक अहिरवार के भाई कमल ने बताया कि 2005 में नवदुर्गा महोत्सव के दौरान अरुण उर्फ लालदिमान ने जानवर बांधने को लेकर उसकी मां के साथ गाली गलौज करते हुए अपशब्द कहे थे। उस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। तब अरुण उर्फ लालदिमान पक्ष ने उसे मारापीटा था।
जिससे गंभीर चोटें आई थी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से आरोपी उन लोगों से रंजिश मान रहे हैं। उसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उसके भाई की हत्या कर दी। हत्या की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।