तहसील दिवस में मंगलवार को 130 शिकायतें आईं। इनमें से 13 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। जिला कृषि अधिकारी, जिला विकलांग अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य/ बचत के अनुपस्थित होने के कारण डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी संध्या तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में मनरेगा के सोशल आडिट टीम के भारत सिंह, चंद्रप्रकाश, रामप्रकाश, गीता देवी निवासी बरेड़ामाफ ने मानदेय न मिलने की शिकायत की।
बिलगांव डांडा की सुमितवती ने बताया कि 17 जून को दबंगों ने उसके पति की हत्या कर दी थी। अब तक उसे आर्थिक सहायता नहीं दी गई है।
बरगवां की वृद्धा रामदेवी ने बताया कि उसे मृत दिखाकर पेंशन बंद कर दी गई है। इटैलियाबाजा के कृष्णकुमार ने गोहांड कसबे के बीज गोदाम में मटर का मिश्रित बीज देने की शिकायत की। वहीं धौहल के गनेश कुमार ने सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों की शिकायत की।
बिलगांव के बाबूलाल ने डीएम को बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री के चयन में धांधली की गई है। अतरौली गांव के किसान रामस्वरूप ने बताया कि गांव के सरकारी अस्पताल में पत्नी सुनीता के नसबंदी आपरेशन के बाद भी बच्चे को जन्म दिया। इस मामले में एक कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराई गई। लेकिन उसे अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया।
वहीं डीएम ने पिछली शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए।
सरीला कसबा निवासी शकीलाबानो पत्नी नसीम मोहम्मद दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। डीएम ने पीड़िता को पांच हजार रुपये की मदद और एक कंबल भी दिया।
डीएम ने अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई के टेंडर के संबंध में झांसी जाने व मुख्यालय छोड़ने की अनुमति न लेने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। बैठक में सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह, परियोजना निदेशक मिथलेश तिवारी, एसडीएम आरएस वर्मा आदि मौजूद रहे।