पाराओझी गांव स्थित घर में रोते बिलखते मृतक के परिजन व अन्य।
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बीमारी से तंग आए एक युवक ने सोमवार रात घर के बाहर लगे पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी परिजनों को सुबह हुई तो कोहराम मच गया। कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के पाराओझी गांव निवासी दलित अनिल (35) पुत्र भूरा बाल्मीकि प्राइवेट तौर पर जगह जगह साफ-सफ ाई का काम करता था। पत्नी सुधा ने बताया कि करीब दो वर्ष से वह पेट के दर्द से परेशान था। कई अस्पतालों में इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं मिला। करीब दो माह से दर्द ज्यादा बढ़ गया था और वह काम पर भी नहीं जा पा रहा था। बताया कि सोमवार की रात करीब दो बजे असहनीय पीड़ा होने पर उसके पति ने ससुर से पानी मांग कर पिया और चारपाई पर लेट गया। करीब एक घंटे बाद उसके ससुर जागे तो देखा कि अनिल चारपाई पर नहीं है। तब उसे ढूंढा गया। घर से कुछ दूरी पर लगे नीम के पेड़ से चारपाई की रस्सी से फांसी पर वह लटका था।
साथ ही तौलिया से मुंह भी ढक लिया था। मंगलवार सुबह उसके पिता ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौत के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पत्नी ने बताया कि उसके पति पांच भाई थे, जिसमें वह सबसे बडे़ थे और सभी लोग पिता से अलग-अलग रहते हैं। अनिल अपने पीछे सात वर्ष का एक पुत्र छोड़ गया है।