हमीरपुर। जिले में लाइसेंसी शस्त्रों का दुरुप्रयोग करने के मामले बढ़ रहे है। इस पर रोक लगान के लिए
जिला मजिस्ट्रेट भवनाथ ने नौ लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया मौदहा निवासी और बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके फतेह खान के पुत्र रजा मोहम्मद के नाम पर रिवाल्वर का लाइसेंस था। 1 फरवरी 2013 को लखनऊ में रजा मोहम्मद अपना पिस्टल गाड़ी में छोड़कर चले गए । चालक गाड़ी को लेकर भाग गए। इस मामले में पीड़ित ने रजा मोहम्मद ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में पिस्टल चोरी का मामला दर्ज कराया। इस प्रकरण में एसएसपी लखनऊ ने शस्त्र की सुरक्षा में घोर लापरवाही बरतने पर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भेजी। इस पर उन्होंने रजा मोहम्मद का लाइसेंस निरस्त किया है। इसी तरह थाना बिवांर के बिगहना गांव निवासी कलीम पुत्र अहमद खां का राइफल का लाइसेंस निरस्त किया गया है। कलीम पर 10 नवंबर 2013 को एक व्यक्ति पर लाइसेंसी शस्त्र से हमला करने का आरोप है। इसी प्रकार मौदहा के उपरौस निवासी सतीशचंद्र द्विवेदी के रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त किया गया है। इनके ऊपर अपराधिक मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया। डीएम ने बताया थाना बिवांर के पाटनपुर निवासी बृजेंद्र सिंह के नाम से राइफल का लाइसेंस बना था। बृजेंद्र सिंह पर हत्या का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। थाना मौदहा के गुढ़ा गांव निवासी रामलखन क ी दोनाली बंदूक का लाइसेंस निरस्त कर दिया। रामलखन के पुत्र विनोद ने बंदूक से गांव में रामसनेही के घर पर फायरिंग की थी। शस्त्र लाइसेंस का दुरूप्रयोग करने पर रामलखन का भी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। थाना सिसोलर गांव में पांच नवंबर 2013 को गांव में हुई गोलीबारी में संजय की मौत हो गई। इस घटना में दोनाली बंदूक के लाइसेंसधारक रामबहादुर को नामजद किया गया। जिला म्जिस्ट्रेट ने लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। वहीं राठ के अतरौली के हेमेंद्र सिंह पर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर विभिन्न मामले में नामजद बृजराज सिंह को देने के आरोप में पुलिस ने शस्क्ष लाइसेंस निरस्त करे की संस्तुति की है। थाना बिंवार के महेरा निवासी महेश्वरीदीन के नाम दोनाली बंदूक का लाइसेंस था। इसी तरह अपराधिक मामला दर्ज होने के बाद महेश्वरीदीन का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वहीं मलेहटा निवासी गुड्डू उर्फ धीरेंद्र सिंह पर हत्या का मामला दर्ज होने के कारण जिला मजिस्ट्रेट ने शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है।