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भमई में फिर सुलगने लगी आग

Sun, 05 May 2013 05:30 AM IST
Hamirpur
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मौदहा (हमीरपुर)। तहसील क्षेत्र के भमई गांव में गुरुवार को लगी आग अभी तक सुलग रही है। दो मकानों में शनिवार को फिर आग धधक उठी। इससे गांव के लोग दहशत में हैं। भयभीत ग्रामीण आग बुझाने में लग गए हैं। गांव के लोगों ने फिर से अफसरों से मदद की गुहार लगाई है। इस पर दमकल आग बुझाने में लगी है। पीड़ितों को फौैरी राहत देने के लिए लोगों ने खाने पीने की सामग्री भेजी जा रही है। प्रशासनिक सहायता की चेक बांटने का काम भी तहसीलदार ने शुरू कर दिया है।
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भमई गांव में आग से 77 परिवार तबाह हो गए हैँ। तहसीलदार कमलवंशी ने मदद के तहत 1 लाख 72 हजार 800 रुपए की चेेक दी है। वहीं आंशिक रूप से अति क्षतिग्रस्त 13 परिवारों में प्रत्येक को 1900 रुपए की चेक वितरित की। कुल मिलाकर 1 लाख 96 हजार 850 रुपए सरकारी सहायता के रूप में दिए गए। सोमवार तक पूर्ण क्षतिग्रस्त परिवारों को चेक वितरित कर दी जाएंगी। उधर अग्नि पीड़ितों को सहायता देने का काम तेज हो गया है। बीती शाम कसबा निवासी सऊदी अरब में नौकरी कर रहे मुस्लिम समाज के लोगों ने 50 परिवारों में प्रत्येक को 25 किलो गेहूं दिया है। कसबे निवासी बसपा नेता फतेहखान ने 300 लंच पैकेट बांटे। उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह कुशवाहा, लल्लूराम वर्मा, निशात नबी, राका व बिहारीलाल व दारोगा रहे। कसबे के भाजपा नेताओं के प्रयास से व्यापारियों व सब्जी विक्रेताओं ने 30 क्विंटल गेहूं 11 टीन वनस्पति, 5 क्विंटल आलू, 1 टीन सरसों का तेल गांव भेजा है। प्रधान की देखरेख में विद्यालय में रखवाया गया है। जिसे अग्नि पीड़ितों को वितरित किया जाएगा। इसी तरह कसबे के हुसैनगंज मोहल्ला के लोगों ने राशन इकट्ठा कर लिया है। सहायता देने वालों का लगातार सिलसिला बढ़ रहा है। शनिवार को दोपहर बाद आग धधकने से पूरा गांव सकते में आ गया। देखते ही देखते इस आग ने धर्मेद्र सिंह व उसके भाई संतोष सिंह के मकान जलने लगे। आसपास के लोग भी सामान निकालने लगे। अग्निशमन के दो दमकल दस्तों ने आग पर काबू पाया।
नेताओं के कोरे आश्वासनों से भड़कते हैं ग्रामीण
मौदहा। भमई गांव में अग्नि पीड़ित नेताओं के कोरे आश्वासन पर भड़क उठते है। ऐसा ही वाकया शनिवार को हुआ। जब गांव के रामआसरे नेताओं से कहने लगा कि कुछ बड़े बड़े नेता आए लेकिन साथ में कुछ नहीं लाए। फिलहाल पानी के पीने का इंतजाम नहीं है। तालाब का पानी भी नहीं बचा है। रामप्यारी कहती है कि वह पानी की किल्लत से तबाह है। मीठे पानी वाले हैंडपंप खराब है। कुआं भी सूख गए है। एक कुआं व चार हैंडपंप से मीठा पानी नहीं मिलता है। इन लोगो का कहना है कि यदि पानी का इंतजाम नही किया गया तो नेताओं को गांव में घुसने नहीं देंगे।
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मलवे में खिलौने खोजती राधा
खंडहर पड़े भमई गांव में लोग जली हुई गृहस्थी हटाने के साथ मलवा में अपना सामान खोज रहे हैं। राख व टूटे खप्परों के ढेर में जले अनाज की महक व तपती दीवारों से आग की भभक निकल रही है। वहीं एक परिवार के साथ चार वर्षीय बच्ची राधा भी मलवा हटा कर अपने खिलौनों को खोज रही है।
बेटी के करेगा हाथ पीले
गांव में पांच कन्याओं के हाथ पीले होने है। इनमें छह मई को ही शिवधनी की बेटी जयदेवी की शादी है। 52 हजार रुपए नकद व खाने पीने का सामान जलकर नष्ट हो चुका है। तीन किलो चांदी के जेवर भी नष्ट हुए है। इसके बावजूद वह हिम्मत नहीं हारा है। लोगों ने उसे ढाढस बंधाया तो उसने अपने भाई के घर में मंडप गाड़ दिया है। इसके अलावा 12 मई को बल्देव की पुत्री ममता की भी शादी है। लोग उसे भी मदद का भरोसा दिलाए है।
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