राठ(हमीरपुर)। रामलीला मैदान में चल रहे गायत्री विराट पुस्तक मेला के सातवें दिन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शोभाराम ने कहा कि मनुष्य स्वयं ही चेतना के विषय में अनभिज्ञ है। इसका एक ही समाधान है कि मानव चेतना का फिर से गहन व समग्र अध्ययन किया जाए। प्रज्ञा पुराण के सातवें दिन शाम को आयोजित दीप यज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां गायत्री की आरती उतार दीप जलाए और पूर्णाहुति दी। यज्ञ शाला में सैकड़ों की तादाद में जल रहे दीपक दीप्तमान हो रहे थे। पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने कहा कि लोभ, मोह और अज्ञानता को ज्ञान के साथ खत्म किया जा सकता है। झांसी से आए राजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि मानव के कल्याण के लिए सर्वधर्म के भाव से कार्य करना चाहिए। इस दौरान मुख्य ट्रस्टी चंद्रशेखर मिश्रा, लक्ष्मण लाल त्रिपाठी, आदर्श कुमार, रमाकांत तिवारी, अब्दुल जब्बार, सुरेंद्र, राजेंद्र व फूलसिंह सैना मौजूद रहे।