राठ(हमीरपुर)। रामलीला मैदान में विराट पुस्तक मेले के चौथे दिन कसबे के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों के बच्चों ने मेला पहुंच पुस्तकों का अध्ययन किया। वहीं कथावाचक श्याम बिहारी दुबे ने कहा कि आनंदमय जीवन बिताने के लिए धन, विद्या, अच्छा सहयोग, स्वास्थ्य की आवश्यकता है, परन्तु ऐसा न समझना चाहिए कि इन वस्तुओं के होने से ही जीवन आनंदमय बन सकता है। अपनी विचार धाराएं, योग्यताएं, आदतें, भावनाएं, सतोगुणी बना लेना यही संजीवनी विद्या का सार है। यदि अपने को सुखी बनाना चाहते हैं तो अपने अंदर दृष्टि डालिए और अपनी बुराइयों का सुधार कीजिए जीवन सुधर जायेगा। दुनिया एक दर्पण है जिसमें अपनी ही शक्ल दिखाई पड़ती है। पुस्तक मेला के दौरान योग शिक्षक शिव प्रकाश गुप्ता दाऊ ने योग की गंगा बहाते हुए अपने विचार रखे। उन्होने कहा कि योग करना तो एक बहाना है। योग करने का उद्देश्य मानव को मानव बनाना है। पुस्तक मेले में नशा निवारण प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए न्यायधीश पीएन मिश्रा ने कहा कि नशा छोड़ गायत्री मंत्र की उपासना करें। इंसान की मनोकामना पूरी होगी।