हमीरपुर। गुरुवार को मौसम ने अचानक फिर से पलटी मारी। रात से हल्की बूंदाबांदी वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है इससे अगैती दलहनी व तिलहनी फसलों को क्षति होगी वहीं देर से बोई गई फसलों व गेहूूं को फायदा होगा।
आसमान पर बादल छाने के बाद गुरुवार तड़के शुरू हुई बूंदाबांदी दोपहर तक जारी रही। वहीं कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। बादलों के कारण दिन भर सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके। मौसम के इस मिजाज को किसान फसलों के लिए अच्छा नहीं मान रहे हैं। किसानों के अनुसार बारिश से अगैती दलहन की चना, मटर, मसूर को नुकसान होगा।
इसी तरह तिलहन की काली व पीली सरसों को क्षति होगी। वहीं देर से बोई गई फसलों को लाभ मिलेगा। सुमेरपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में भी हल्की बूंदाबांदी दिन भर होती रही। किसान मानसिंह भदौरिया, सुरेश यादव, धनीराम साहू, सिराज खान, जयकिशोर दीक्षित आदि ने बताया कि बारिश से मटर, मसूर, चना, सरसों को क्षति पहुंचेगी। क्योंकि यह फसलें फल फूलकर तैयार हो रही हैं।
कृषि वैज्ञानिक अजीत कुमार शुक्ला व प्रगतिशील किसान रामसनेही साहू आदि का मानना है कि इस बारिश से गेहूं के अलावा रबी की किसी भी फसल को कोई फायदा नहीं होगा। गोहांड प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के किसान रामकृपाल राजपूत, चंद्रभान सिंह, आशाराम का कहना है कि इस वक्त चना, मसूर, अरहर, मटर आदि की फसलें फूल रही हैं। बदली छाए रहने से इनके फूल गिरने की पूरी संभावना है। वहीं फली छेदक कीट के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता है।
मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार लेवा व सिसोलर के बीच खेतों में हल्के ओले भी गिरे। इससे मसूर व मटर की पकी फसलों को क्षति पहुंची है। वहीं गेहूं और लाही की फसलें तेज हवा के चलते गिर गई हैं। सरीला प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार देर रात अचानक मौसम बदलने से क्षेत्र में बूंदाबांदी होने के साथ मामूली ओलावृष्टि हुई है। वहीं क्षेत्र के जिगनी, चंदवारी, घुरौली, मगरौठ, चिकासी आदि गांवों में गुरुवार की सुबह मामूली ओलावृष्टि भी हुई है।
बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ने लगी
अमर उजाला ब्यूरो