फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेल्प डेस्क पर बताएं, समस्या का समाधान पाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
हेल्प डेस्क पर बताएं, समस्या का समाधान पाएं
विज्ञापन


हमीरपुर। जीएसटी लागू होने के बाद वाणिज्यकर विभाग ने व्यापारियों की समस्या निवारण के लिए हेल्प डेस्क नंबर जारी किया है। इससे व्यापारियों में जीएसटी के प्रति भ्रांतियों को दूर किया जा सकेगा। अभी तक जिले में 2435 व्यापारियों का जीएसटी के तहत पंजीकरण हो चुका है। हालांकि जीएसटी में पंजीकरण की प्रक्रिया 15 जून को समाप्त कर दी गई है। इधर, 25 से 30 जून तक जीएसटी की साइट खुलेगी।

वाणिज्यकर विभाग में करीब 3500 व्यापारी पंजीकृत हैं। उन्हें अब तक व्यापार कर के लिए रसीद कटानी होती थी या फिर उन्हें अन्य प्रकार की व्यापारिक प्रक्रिया के तहत कार्यालय में लिखित जानकारी उपलब्ध करानी होती थी। इसके तहत जिले मेें अब तक कुल 2435 व्यापारियों का पंजीकरण हो चुके हैं।
विज्ञापन


इन व्यापारियों को जीएसटी में माइग्रेशन की आईडी व पासवर्ड भी उपलब्ध हो चुका है। व्यापारियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक हेल्प डेस्क प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर प्रदीप सिंह भुवनेश्वर के मोबाइल 9654087950 पर कॉल कर समस्या का निस्तारण कर सकते हैं।

क्या है जीएसटी
जीएसटी यानि वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के तहत एक्साइज, मनोरंजन कर, प्रवेश कर, वैट, कें द्रीय कर सहित अन्य अप्रत्यक्ष करों को खत्म कर एक ही प्रकार की कर प्रणाली लागू की जा रही है, जिसे जीएसटी कहते हैं।

व्यापारियों को शंकाएं
वाणिज्यकर विभाग द्वारा जीएसटी में माइग्रेशन प्रक्रिया के दौरान कुछ व्यापारियों का पैन कार्ड में नाम गलत लिखा होने से पंजीकरण की प्रक्रिया के बाद भी आईडी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। इसके लिए विभाग ने ऐसे व्यापारियों से पैन कार्ड में होने वाली गलतियों को सुधारने के लिए कहा है।

14 प्रतिशत से अधिक न हो स्लैब
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष केजी अग्रवाल का कहना है कि जीएसटी के तहत एक कर प्रणाली ठीक है। लेकिन इसके स्वरूप को 14 प्रतिशत के स्लैप से अधिक नहीं होना चाहिए। जबकि जीएसटी में 28 प्रतिशत तक का स्लैब लागू किया गया है, जो गलत है। एक्ट के तहत एक माह में तीन और साल में 35 रिटर्न से सहमत नहीं हैं। कपड़े पर टैक्स नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन


सजा का प्राविधान खत्म किया जाए। नॉन ब्रांडेड वस्तुओं पर जीरो प्रतिशत कर किया गया है। लेकिन बिना पैकिंग वस्तुओं को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। वस्तुओं पर राशि के हिसाब से कर में असमानता मंजूर नहीं है। जीएसटी कर प्रणाली में सुधार के बाद ही लागू किया जाना चाहिए। इसमें अधिकारियों को पुलिस के पावर दिए गए हैं जो गलत है।

- जीएसटी को लेकर वाणिज्यकर विभाग ने जारी किया नंबर
- 2435 व्यापारियों का हो चुका है जीएसटी के तहत पंजीकरण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें