अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के 38 दिन बाद पिता की हत्या में नामित पुत्र व बहू को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए अभिरक्षा में ले लिया है। चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत दंपति को गुरुवार को सजा सुनाएगी।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया कि सुमेरपुर थानाक्षेत्र के अतरइया गांव निवासी भागवत प्रसाद तिवारी ने 23 मार्च 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसके पिता रामऔतार छोटे भाई रामकुमार व उसकी पत्नी डाली के साथ रहते थे। वह अचानक लापता हो गए।
अभियुक्त रामकुमार ने 22 अप्रैल को थाने में पिता की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। बताया कि अभियुक्त रामकुमार व उसकी पत्नी डाली 28 अप्रैल 2018 को वादी की पुत्री सोनी तिवारी निवासी नौबस्ता कानपुर के यहां गए थे। यहां रामकुमार ने शराब के नशे में सोनी से पूछा कि किसी व्यक्ति को जमीन में गाड़ दिया जाए तो लाश कितने दिन में गल जाएगी। इस पर सोनी तिवारी को पिता की हत्या किए जाने की आशंका हुई। उसने पिता के बारे में पूछा। रामकुमार ने कहा कि उससे गलती हो गई है। उसने संपत्ति के चक्कर में पिता को मार डाला है। सोनी ने पिता भागवत प्रसाद को फोन से चाचा रामकुमार के बाबा रामऔतार की हत्या किए जाने की जानकारी दी। उसने सोनी को गांव बुलाया। सोनी दूसरे दिन 29 अप्रैल को अतरइया पहुंची। 29 अप्रैल को भागवत प्रसाद ने थाने में पिता रामऔतार की हत्या किए जाने की तहरीर दी। पुलिस ने भूसे वाले कमरे में जमीन से चार फुट अंदर दफन की गई लाश को बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी की पत्नी डाली से आलाकत्ल बरामद कर उसे महिला थाने में बंद कर दिया। थाने से डाली 30 अप्रैल की सुबह भाग निकली। उसे पुलिस ने 14 मई को दोबारा गिरफ्तार किया। पुलिस ने न्यायालय में 21 जुलाई 2018 को चार्जशीट दाखिल की।
बुधवार को चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/ विशेष न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने आरोपी दंपति को दोषी ठहराते हुए दोष सिद्ध किया। इस मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई गुरुवार को होगी।
पिता की हत्या में पति-पत्नी पर दोष सिद्ध
सजा के बिंदु पर अदालत आज करेगी सुनवाई
न्यायालय ने 38 दिनों में मुकदमे की सुनवाई की पूरी