हमीरपुर। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में पुरानी गड़बड़ियों से पर्दा उठ रहा है। सर्वे में नेताओं से लेकर साधारण व्यक्तियों के मकान तक ऐसे वोटरों के नाम सामने आए हैं जिनसे उनका कोई रिश्ता नहीं है। बीते साल की मतदाता सूची में पूर्व सांसद के मकान में 71 वोटरों के नाम हैं। चेयरमैन के मकान से 21 वोटर बने हैं। एक मकान में 38 मतदाता हैं।
जनपद में एसआईआर का कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें लगे बीएलओ के सामने दूसरों के मकानों में दर्ज वोटरों को खोजना बड़ी चुनौती बना हुआ है। पहले तो गणना प्रपत्र वितरण में परेशानी हुई और फिर जब संकलन और डिजिटाइजेशन का काम शुरू हुआ तो तनाव दो गुना हो गया। चल रहे सर्वे कार्य में पुरानी मतदाता सूची का सच भी सामने आ गया है। शहर के मुहल्ला विवेक नगर भाग संख्या 103 में पुरानी मतदाता सूची में 1001 मतदाता दर्ज हैं। इसमें सबसे अधिक वोट पूर्व सांसद अशोक चंदेल के उस मकान से बने है जिसमें उनका स्वयं का वोट बना हुआ है। मकान संख्या 62 में पूर्व सांसद के परिवार समेत मंजू, पारस त्रिपाठी के नाम है। कुल मिलाकर 71 मतदाता हैं। इसी मुहल्ले में भाग संख्या 56 में जोधा पत्नी मुलुवा समेत 38 मतदाता हैं। कुल मिलाकर विवेक नगर में 1001 मतदाताओं में 653 की फीडिंग हो चुकी है। यहां पर मृतक, शिफ्ट और दो स्थान वाले 348 मतदाता हैं जिनके नाम सूची से हटेंगे। दूसरी तरफ रमेड़ी मुहल्ला की बात करें तो यहां पर चेयरमैन कुलदीप निषाद के मकान संख्या 142 में 21 नाम दर्ज है। इसमें चेयरमैन परिवार के तो पांच ही वोट है। अवस्थी परिवार के अलावा चक्रवर्ती परिवार के भी वोट बने हैं। कुल मिलाकर जो डुप्लीकेट मतदाता है उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे।