क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए मनरेगा बजट सात करोड़ 83 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में गिरते जलस्तर के कारण बंद हो रहे नलकूपों और हैंडपंपों की जानकारी भी दी गई।
बीडीओ श्यामसुंदर विश्वकर्मा ने मनरेगा से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-17 का मनरेगा बजट 7 करोड़ 83 लाख 33 हजार 900 रुपये रखा। जिसे सभी बीडीसी व नवनिर्वाचित प्रधानों ने पारित किया। उन्होंने कहा कि जिन मनरेगा मजदूरों ने 50 दिन तक कार्य किया है, वे श्रम विभाग में पंजीयन करा लें। नलकूप विभाग के अवर अभियंता ने बताया कि भूमिगत जलस्तर तेजी से गिर रहा है।
कहीं-कहीं ये 25 फीट नीचे तक चला गया है। विकासखंड में इस समय 90 नलकूप संचालित हैं। जिनमें चार यांत्रिक खराबी से बंद हैं। 25 नलकूपों के जलस्तर में कमी देखते हुए पाइप लाइनें बढ़ा दी गई हैं। वहीं जल निगम के कर्मी ने बताया कि नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए 13 नलकूप हैं। जलस्तर तीन से पांच मीटर नीचे जाने से इनमें पाइप बढ़ा दिए गए हैं।
दो नलकूपों के निर्माण के लिए जलनिगम की आंतरिक शाखा को लिखा गया है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे ब्लाक प्रमुख शिवकुमार पांडेय ने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने लगातार पांच सालों तक सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि अब नए क्षेत्र पंचायत का गठन होना है और यह अंतिम बैठक है। क्षेत्र पंचायतों का पूरा भत्ता जो किसी कारण नहीं निकल सका है उसे शीघ्र दे दिया जाएगा। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य व नवनिर्वाचित प्रधान मौजूद रहे।