अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। दिन वीरवार, समय दोपहर के 2:00 बजे, तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, स्थान मिनी सचिवालय हमीरपुर। शरीर को झुलसा देनी वाली गर्मी के बावजूद नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड-10 का एक परिवार जिला प्रशासन हमीरपुर की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर मिनी सचिवालय के बाहर धरने पर बैठा है। धरने पर बैठे तिलक राज शर्मा, रामेश्वरी देवी, रजनीश शर्मा, सकेत शर्मा, संजय कुमार, सुनील कुमार और प्रवीण कुमार ने बताया कि उनके घर के समीप एक प्राइवेट स्कूल है। बहुमंजिला स्कूल भवन की छत से बारिश के समय काफी मात्रा में पानी उनके मकान पर गिरता है। साथ ही स्कूल की साइंस लैब से केमिकल उनकी जमीन पर फेंका जा रह है। स्कूल की खिड़की से कागज के टुकड़े तक उनके घर की ओर फेंके जा रहे हैं। इससे परिवार की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को घर में रहने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर साढ़े तीन बजे तक धरने के छह घंटे बाद किसी प्रशासनिक अधिकारी ने धरने पर बैठे परिवार के इन छह सदस्यों की सुध तक नहीं ली। हालांकि परिवार को उम्मीद थी कि मिनी सचिवालय से कोई अधिकारी उनके पास आता और उनका हाल जानता। सुबह जब यह परिवार मिनी सचिवालय के गेट के बाहर धरने पर बैठा तो सारे अधिकारी उसी गेट से अपने-अपने दफ्तर गए। इसके बाद दोपहर एक बजे अधिकारी भोजन अवकाश पर गए। सभी अधिकारी अपने एसी कमरे में बैठे रहे और सचिवालय के बाहर भूखे-प्यासे इन लोगों की समस्या तक नहीं जानीं। जिला प्रशासन के इस व्यवहार से तंग आकर परिवार के सदस्यों ने जिला प्रशासन के खिलाफ शंख बजाना शुरू कर दिया। अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर रूपाली ठाकुर ने बताया कि पीड़ित परिवार की समस्या का शीघ्र हल किया जाएगा।
ये अधिकारी बैठते हैं मिनी सचिवालय में
उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, सह आयुक्त, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एएसपी विजिलेंस, डीएसपी हेडक्वार्टर, जिला राजस्व अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी, जिला कोषाधिकारी करीब डेढ़ कर्मचारी मिनी सचिवालय में बैठता है। इसके अलावा मुख्य गेट से उपनिदेशक डीआरडीए, सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त, ईटीओ, जिला खाद्य निरीक्षक, माप तोल विज्ञान विभाग निरीक्षक समेत कई अधिकारी गुजरते हैं।