गहरौली। क्षेत्र के बांधुर बुजुर्ग गांव में शिव अर्चन यज्ञ के 44 वें वार्षिक उत्सव में श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में व्यास ने कथा का महत्व समझाया। गुरुवार से शुरू हुई कथा में राजा रानी की भूमिका में रंजन पांडे व उनकी पत्नी रहे।
बांदा जिले के खप्टिहाकला गांव से आए कथावाचक राजकुमार बाजपेई ने श्रीमदभागवत कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भागवत कथा में ही जीवन का सार तत्व मौजूद है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परम आनंद की प्राप्ति होती है।
कहा कि जब मनुष्य अच्छे कर्मों के लिए आगे बढ़ता है, तो संपूर्ण सृष्टि की शक्ति समाहित होकर मनुष्य के पीछे लग जाती है, और सारे कार्य सफल होते हैं। ठीक उसी तरह बुरे कर्मों की राह के दौरान संपूर्ण बुरी शक्तियां हमारे साथ हो जाती हैं। यहां काफी संख्या में श्रोता मौजूदा रहे।