कई दिन से हो रही बारिश चंद्रावल बांध उफनाया है। जिससे बांध के फाटक छह-छह फीट खोल दिए गए हैं। फिलहाल 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी किनारे के गांवों में एक बार फिर लोग दहशत में हैं। वहीं चमरखन्ना गांव में गंभीर रूप से बीमार लोगों को निकालने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने 23वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद को बचाव के लिए लगाया है।
चंद्रावल बांध में अधिकतम पानी की क्षमता 502 फीट स्तर तक है। देर शाम बांध में खतरे के निशान तक पानी देख अधिकारियों ने हाई एलर्ट जारी कर दिया। एसडीएम किशोर गुप्ता ने चंद्रावल नदी के निकट बसे गांवों के लोगों को नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना के साथ ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बांध के अवर अभियंता देवनरेश विश्वकर्मा ने बताया कि रात में जलस्तर फाटक छह फीट तक खोलने पड़े। जिससे 25-30 हजार क्यूसेक घन प्रति सेकेंड डिस्चार्ज किया गया। जिससे नदी का स्तर जो तीन मीटर घट गया था। वह रात से बढ़ना शुरू हो गया। पूरी रात नदी के किनारे वाले बाशिंदे बाढ़ के भय से सो नहीं पाए।
शाम पांच बजे तक नदी के किनारे के गांव भवानी, अलीपुरा, चमरखन्ना, छिरका, मवईया, नरायच, भमौरा, मदारपुर, छिमौली, सिजनौड़ा, पढ़ोरी, परछा, परछछ, किसवाही गांवों में बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। अवर अभियंता ने बताया कि शुक्रवार शाम पांच बजे बांध के तीन फाटक बंद कर दिए गए। अब मात्र तीन फाटकों से तीन-तीन फीट पानी ही निकाला जा रहा है।
शाम छह बजे यह सामान्य लेबिल 498 के स्तर पर आ जाएगा। जिससे यह खुले गेट भी बंद हो जाएंगे। तहसीलदार राकेश कुमार मौर्य ने बताया कि फिलहाल किसी गांव में किसी जनहानि की सूचना नहीं है और लोग भयभीत न हो। नदी जिस हिसाब से बढ़ रही है। फाटक बंद होने पर धीरे-धीरे कम हो जाएगा।