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रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल का संकट गहराया

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रेलवे स्टेशन के पास बस स्टैंड सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल का भारी संकट है। मजबूरी में लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। स्वयंसेवी संस्थाओं ने सुबह शाम लोगों के हलक तर कराना शुरू कर दिया है। जबकि प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं हुई है।
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प्लेटफार्म नंबर एक व दो में पानी के लिए बनाए गए प्वाइंट बंद हैं। इससे यात्रियों को ट्रेन रुकने के बाद पानी नहीं मिल पाता। प्वाइंटों में लगी टोटियों लकड़ी लगाकर बंद कर दी गईं है। प्लेटफार्म नंबर एक में स्टेशन मास्टर के कक्ष के बगल में दो टोंटी वाला एक नल लगा है। इसका लाभ सिर्फ स्टेशन कर्मचारी ही उठा रहे हैं।


जब तक यात्री ट्रेन से उतरकर वाटर कूलर तक पहुंचते है तब तक ट्रेन चल देती हैं। दैनिक यात्री बदलू वर्मा इचौली, बिजयेंद्र कुमार बांदा, रोहित गुप्ता सुमेरपुर, बदलू विश्वकर्मा ने बताया कि प्यास बुझाने के लिए घर से ही पानी लेकर चलना पड़ रहा है।
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पिछले कुछ दिनों से समाजसेवी रज्जन पांडेय, आतम सेठ, दीपू सोनी, ब्रहृमा मिश्रा वैद्य, नीरज गुजरने वाली यात्री ट्रेनों की सवारियों को ठंडे पानी के पाउच बांट रहे हैं। नगर पंचायत की ओर से अप्रैल माह में कस्बे में पौशालाएं खोल दी जाती थी, लेकिन इस वर्ष अभी यह नहीं खोले गए।

स्टेशन मास्टर श्रीकृष्ण कुशवाहा ने बताया कि दोनों प्लेटफार्मों पर बने पानी प्वाइंटों में टोटियां न होने के कारण आपूर्ति में समस्या आ रही है। हैंडपंप ठीक कराए जा रहे हैं। इससे लोगों को पर्याप्त पानी मिलेगा।

बस स्टैंड के सभी हैंडपंप खराब हैं। पुरानी गल्ला मंडी सार्वजनिक स्थल में शुमार है। यहां पर इलाहाबाद बैंक, एचडीएफसी बैंक, जिला कोआपरेटिव बैंक, सहकारी समिति, क्रय विक्रय समिति जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं और प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना है। यहां नगर पंचायत इलाहाबाद बैंक के सामने पौशाला खोलती थी।

लेकिन इस वर्ष अभी तक नहीं खोली गईं। नगर पंचायत की ईओ नीतू सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के छुट्टी में होने के कारण कस्बे में पौशालाएं नहीं खुल सकी है। जल्द ही सभी प्रमुख स्थानों पर पौशाला खुलवाकर राहगीरों को राहत दी जाएगी।
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