हमीरपुर/सरीला। जिले में बृहस्पतिवार से शनिवार तक हुई भारी बारिश ने खरीफ फसलों पर कहर बरपाया है। बंगाल की खाड़ी से उठे अर्नब तूफान के कारण करीब 1.45 लाख हेक्टेयर में बोई गई फसलें प्रभावित हुई हैं। जलभराव से तिल, उड़द, मूंग और मूंगफली की फसलें सड़ने लगी हैं। इससे किसानों के सामने कर्ज चुकाने की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। जिले में कुल 1,92,448 हेक्टेयर में खरीफ फसलें बोई गई थीं। इनमें तिल में शत-प्रतिशत नुकसान की आशंका है। कृषि और राजस्व विभाग की टीमें फसलों का सर्वे कर रही हैं। अब तक करीब 14 हजार किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति के लिए दावे किए हैं। मुस्करा के रामकिशन और दद्दू पाल की नौ बीघा फसल बिरमा नदी में समा गई। बारिश के कारण रबी फसलों की बोआई भी पिछड़ गई है। वहीं भरुआ सुमेरपुर में एचडीएफसी बैंक से ऋण लेने वाले किसानों को फसल बीमा की किस्त कटने के बाद भी पॉलिसी नंबर नहीं मिला है। पंधरी गांव के शिवम सिंह और अन्य किसानों ने बताया कि पॉलिसी नंबर के बिना अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे नहीं हो पा रहा है। इससे उन्हें आर्थिक संकट का डर सता रहा है। बैंक शाखा प्रबंधक करुणाकरण मिश्रा ने कहा कि पॉलिसी नंबर मिलते ही किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने नियमानुसार भरपाई की कार्रवाई का आश्वासन दिया।
99,750 किसानों पर 1,495 करोड़ रुपये का कर्ज
जिले के 99,750 किसानों ने विभिन्न बैंकों से करीब 1,495 करोड़ रुपये का कृषि ऋण लिया है। इनमें 32,940 खाते एनपीए हो चुके हैं। इन खातों में करीब 342 करोड़ रुपये बकाया हैं। फसल खराब होने से ऐसे किसानों के सामने कर्ज चुकाने की चुनौती बढ़ गई है।
फसल खराब, कर्ज चुकाना मुश्किल
करीब साढ़े पांच एकड़ में तिल की फसल बोई थी। खेती के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये का बैंक से ऋण लिया था। खेत में पानी भरने से पूरी फसल खराब हो गई है, अब कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है। -चंद्रभान सिंह, धौहल बुजुर्ग-सरीला।
40 बीघा तिल, उड़द और मूंग की फसल चौपट
करीब 40 बीघा में तिल, उड़द और मूंग की खेती की थी। फसल में करीब एक लाख रुपये से अधिक की लागत आ चुकी है। लगातार बारिश से खेत में पानी भर गया और फसल खराब हो गई है। अभी तक सर्वे करने कोई नहीं आया है। लल्लू प्रजापति, धौहल-सरीला।
फसलों का किया जा रहा सर्वे
बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। तिल, उड़द और मूंग की फसल में नुकसान की स्थिति सामने आई हैं। फसल बीमा वाले किसानों के खेतों का बीमा कंपनी के सर्वेयर निरीक्षण कर रहे हैं। क्षतिग्रस्त मकानों की की भी जांच कराई जा रही है। -ओमप्रकाश, राजस्व निरीक्षक
इस बारिश से फलीदार सभी फसलों को नुकसान हुआ है। तिल, मूंग, उड़द और मूंगफली की फसल में भारी नुकसान होने की संभावना है। तिल की फलियां काली पड़कर सड़ने लगी हैं। किसान भाई खेतों में भरे पानी की निकासी अवश्य करें। -डॉ. राजीव सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा प्रभारी।
फसलों के नुकसान का आकलन कराए जाने के लिए कृषि व राजस्व विभाग की टीमें सर्वे कार्य में जुटी हैं। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद फसल क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. हरिशंकर, जिला कृषि अधिकारी।
फोटो 27 एचएएमपी 41- सरीला के धौहल बुजुर्ग गांव में पानी में डूबी तिल की फसल। संवाद
फोटो 27 एचएएमपी 41- सरीला के धौहल बुजुर्ग गांव में पानी में डूबी तिल की फसल। संवाद